क्राइमछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: इंशोरेंस कंपनी के नाम पर ठगी, पुलिस मामले की जांच में जुटी

नेवई पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

भिलाई। कई बार अंजान कॉल मुसीबत बन जाती है, लोग बुरे फंस जाते हैं. ताजा मामला नेवई थाना क्षेत्र का है, जहां एक सीनियर सिटीजन ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर खरीदे गये इंशोरेंस कंपनी के नाम पर ठगी करने और उसके बाद आतंकवादी संगठन से मिलीभगत का हवाला देकर फंसाने की धमकी देते हुए रकम जमा करवा ली. नेवई पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

नेवई पुलिस ने बताया कि शक्ति विहार कालोनी, रिसाली निवासी चंद्रभान वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि मोबाइल नंबर 8954211157 से अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर स्वयं को वित्त मंत्रलाय दिल्ली का अधिकारी बताकर पूर्व में खरीदे गये इंशोरेंस कंपनी एचडीएफसी की दो पॉलिसी 25,000 और 50,000 रुपये वर्ष 2013, बिरला सन लाFफ इंशोरेंस की चार पॉलिसी 15,000, 15,000, 21,000, 22,000 रुपए वर्ष 2013 की मैच्योरिटी रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया.

उक्त मोबाइल नंबर धारक ने अपने एयु स्माल फायनेंस बैक, फरीदाबाद के खाते में वर्ष 2020 – 2021 में अलग-अलग दिनों में कुल 14,31,859 रुपए और मोबाइल नंबर 7830631489 से बात कर एयु स्माल फायनेंस बैक फरीदाबाद के खाते में वर्ष 2020- 2021 में 1,34,862 जमा कराए. इस तरह से कुल 15,66,721 रुपए जमा कराए. इसके अलावा अज्ञात मोबाइल नंबर धारक ने पीड़ित को इंश्योरेंस कंपनी से रकम वापसी का झांसा देकर 17,66,719 रुपए जमा कराकर ठगी की.

इसके बाद 10 मई को मोबाइल नम्बर 9758208632 (रजनी सैनी) का काल आया, जिसमें महिला ने स्वयं को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में DSP होने का हवाला देते हुए बात की. महिला ने उसका पूरा पैसा आतंकवादी एवं आंदोलनकारी गतिविधियों में उपयोग होने का हवाला देते हुए इससे बचने के एवज में 99,999 रुपए रामसिंह टोमर के बैंक में ट्रांसफर कराया. इस तरह लगातार पीड़ित के साथ ठगी किया गया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button