छत्तीसगढ़

खाद विक्रय में मिली अनियमितता: 6 दुकानें सील, 7 को नोटिस जारी

जिलें कार्यालय प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 दुकानें जिन्हे 21 दिन के लिए प्रतिबंधित किया गया है

बलौदाबाजार। कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर जिले में उर्वरक व्यवस्था दुरूस्त करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा नियमित रूप से कृषि आदान विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण एवं अनियमितता पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा जिलें के 6 दुकानों को सील एवं 7 दुकानों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। 6 दुकानें जिनकों सील की गई है। उनमें 3 दुकानों को 21 दिन के लिए एवं 3 दुकानों को 7 दिन खाद विक्रय हेतु प्रतिबंधित किया गया है। जिलें कार्यालय प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 दुकानें जिन्हे 21 दिन के लिए प्रतिबंधित किया गया है उसमें विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ओम ट्रेडर्स,बिटकुली,विकासखंड कसडोल अंतर्गत न्यू नायक कृषि सेवा केन्द्र, देवरूंग अम्बानी कृषि सेवा केन्द्र,थरगॉव एवं 7 दिन के लिए प्रतिबंधित दुकानों में विकासखंड सिमगा अंतर्गत देवा कृषि केन्द्र, सुहेला,बिलाईगढ़ विकासखंड अंतर्गत मेलाराम कृषि केन्द्र, दुम्हानी किसान कृषि सेवा केन्द्र, सरसींवा शामिल है।

इसी तरह जिलें के 7 दुकानों को नोटिस जारी किया गया है. जिसमें कसडोल विकासखंड के अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र,बया, लक्ष्मी कृषि सेवा केन्द्र,सुखरी, देवांगन कृषि सेवा केन्द्र, कटगी, केशरवानी ट्रेडर्स हसुवा, बिलाईगढ़ अंतर्गत आनंद ट्रेडर्स एवं कृषि केन्द्र, सरसींवा,पलारी अंतर्गत ओम कृषि सेवा केन्द्र पलारी,कृषि सेवा केन्द्र (फूटकर) पलारी शामिल है। गौरतलब है कि विगत दिनों।विकासखण्ड सिमगा एवं कसडोल के 4 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में मूल्य सूची स्कंध सूची प्रदर्शित नहीं था बिल बुक एवं स्टाक पंजी निर्धारित प्रपत्र में संधारित नहीं था। इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए विक्रय केन्द्रों का गोदाम सील करते हुए विक्रय प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही जिले के समस्त विकासखण्डों में स्थानीय उर्वरक निरीक्षकों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। विकासखण्ड कसडोल में कुल 11 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें कि 2 विक्रय केन्द्रों में अनियमितता पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही 3 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

विकासखण्ड बिलाईगढ़ में 8 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर 2 विक्रय केन्द्रों को 7 दिवस हेतु विक्रय प्रतिबंधित किया गया है। विकासखण्ड सिमगा में 10 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर 1 विक्रय केन्द्र को विक्रय प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विकासखण्ड पलारी में 4 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर 2 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विकासखण्ड बलौदाबाजार में 3 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर 1 विक्रय केन्द्र को विक्रय प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिन विक्रय केन्द्रों में उर्वरक उपलब्ध है उन केन्द्रों का निगरानी हेतु विभाग के मैदानी अमलों की ड्यूटी भी लगायी गई हैए जो कि विक्रय केन्द्रों का सतत् निगरानी कर कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध करायेंगे। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी के साथ समझाईस दी जा रही है कि कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों का विक्रय करें। कृषकों को उनके इच्छा के विरूद्ध कोई भी आदान सामग्री न दी जावे।

विक्रय केन्द्रों का संचालन नियमानुसार किया जावे। नियमों का उल्लंघन किये जाने पर उनके विरूद्ध उर्वरक ;नियंत्रणद्ध आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत् कार्यवाही की जावेगी। इसके साथ ही कृषकों को सलाह दी जा रही है कि संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें। तथा डी.ए.पी. की उपलब्धता न हो पाने की स्थिति में डी.ए.पी. के स्थान पर अन्य विकल्प के रूप में अनुशंसित उर्वरकों का भी उपयोग करें। यदि कृषकों को विक्रय केन्द्रों द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करने पर संबंधित विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर सकतें है

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