छत्तीसगढ़

पत्रकार पर असामाजिक तत्व ने किया जान लेवा हमला, पत्रकार को सच का आइना दिखाना पड़ा महंगा

दीपक गुप्ता बहुत ही घबराया हुआ है जिससे उसे बीच-बीच में चक्कर भी आ रहा है

AINS NEWS गोरेला- पेंड्रा – मरवाही….  जिला जीपीएम में निष्पक्ष पत्रकारिता करना मतलब जान जोखिम में डालना । प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकार दीपक गुप्ता निवासी ग्राम सकोला मरवाही अपने घर के ही पास संचालित ढाबा में खाना लेने के लिए गया हुआ था जब वह लघु शंका करने के लिए ढाबा के बगल पर गया तभी पीछे से भला व्यक्ति ने पत्रकार दीपक गुप्ता के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया पहले तो हमलावर ने दीपक गुप्ता को पीछे से वार किया जिससे दीपक गुप्ता के सर में गंभीर चोट आई उसका सर फट गया जब वह पलटा तो हमलावर ने उसके मुंह पर वार किया जिससे उसका जबड़ा फट गया दीपक गुप्ता के जमीन में गिरने के पश्चात हमलावर ने ताबड़तोड़ वार करना शुरू किया वहां खड़े लोगों ने बीच बचाव किया मौका पाकर दीपक गुप्ता अपनी जान बचाते हुए वहां से भागते हुए अपने घर पहुंचा जहां पर वह अचेत अवस्था में हो गया तत्काल आनन फानन में उसके परिजनों और मित्रों ने उसे जिला अस्पताल में दाखिल कराया जहां पर उसका इलाज चल रहा है सर और जबड़े में टांके लगे हैं दीपक गुप्ता बहुत ही घबराया हुआ है जिससे उसे बीच-बीच में चक्कर भी आ रहा है । अब प्रश्न यह उठता है कि समाज को सच दिखाना शासन प्रशासन राजनेताओं को आइना दिखाना निष्पक्ष पत्रकारिता करना अपनी जान को जोखिम में डालने के बराबर हो गया है । हर व्यक्ति चाहता है कि पत्रकार निष्पक्ष पत्रकारिता करें परंतु वह हमारे बारे में निष्पक्ष खबर प्रकाशित न करें ऐसी ही खतरनाक घटनाओं को रोकने के लिए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर संघर्षरत है परंतु आज तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं हो पाया है सत्ता किसी भी दल की हो पत्रकार को उससे दो-चार होना ही पड़ता है पत्रकार को कमजोर रखने के गरज से पत्रकार सुरक्षा कानून जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा यदि पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो जाता तो ऐसी घटनाओं पर संभवत काफी हद तक विराम लग सकता था।

 

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