छत्तीसगढ़

खदान के मलबे का पहाड़ बना कहर, 23 परिवार बेघर, सांसद ने लगाई फटकार

सांसद ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को फटकार लगाई

AINS NEWS… कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड स्थित आरीडोंगरी लौह अयस्क खदान में मलबा धंसने की घटना के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। खदान से निकले मलबे का पहाड़ गांव की ओर गिरने से करीब 23 घर प्रभावित हो गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने मौके का दौरा कर प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और अधिकारियों व कंपनी प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई।

दरअसल, 10 और 11 अप्रैल की रात आरीडोंगरी लौह अयस्क खदान में मलबा धंसने की घटना सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, खदान से निकलने वाले मलबे को लंबे समय से एक ही स्थान पर जमा किया जा रहा था, जो धीरे-धीरे पहाड़ का रूप ले चुका था। इसी मलबे का एक बड़ा हिस्सा गांव की ओर गिर गया, जिससे लगभग 23 घर क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना के बाद प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। वर्तमान में सभी प्रभावितों को अस्थायी रूप से किराए के मकानों में शिफ्ट किया गया है, जिसका खर्च कंपनी प्रबंधन द्वारा उठाया जा रहा है।

आज सांसद भोजराज नाग ग्राम दफाईपारा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से चर्चा की और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और माइंस प्रबंधन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित ग्रामीणों को जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।

कंपनी प्रबंधन ने सभी 23 प्रभावित परिवारों को नए मकान बनाकर देने का आश्वासन दिया है। साथ ही तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।

फिलहाल प्रशासन और कंपनी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से ठोस इंतजाम क्यों नहीं किए गए।

 

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