छत्तीसगढ़

रेलवे रैक पॉइंट विवाद पर ट्रक ट्रांसपोर्टरों का पलटवार – “यह प्रदूषण नहीं, हिस्सेदारी की लड़ाई है, जनता सब समझ चुकी है”

नगर की जनता समझदार है और सब जानती है कि वास्तविकता क्या है

AINS NEWS तिल्दा-नेवरा…  नगर में संचालित रेलवे रैक पॉइंट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब रैक पॉइंट से जुड़े ट्रक ट्रांसपोर्टरों ने शिकायतों को लेकर अपनी बात रखी है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि रेलवे रैक पॉइंट पिछले करीब 20 वर्षों से संचालित हो रहा है और इतने लंबे समय में कभी इस तरह का विवाद सामने नहीं आया। आज अचानक इसे मुद्दा बनाकर छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

ट्रक ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह लड़ाई जनहित या शिकायत की नहीं, बल्कि आपसी हिस्सेदारी और बंटवारे को लेकर है। उन्होंने कहा कि जब तक कुछ लोगों को बराबर हिस्सा मिल रहा था, तब तक किसी प्रकार की समस्या नहीं थी, लेकिन अब इसे प्रदूषण और जनहित का नाम देकर अलग रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि नगर की जनता समझदार है और सब जानती है कि वास्तविकता क्या है। ट्रांसपोर्टरों ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सच में धूल और प्रदूषण की चिंता है तो केवल रेलवे रैक पॉइंट को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है? नगर और आसपास कई बड़े उद्योग, राइस मिलें एवं अन्य व्यावसायिक संस्थान वर्षों से संचालित हैं, वहां की समस्याओं पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते?

ट्रक ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि कुछ लोग चाटुकारिता कर गलत माहौल बनाने और छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि तिल्दा-नेवरा का आम नागरिक पूरी स्थिति से परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास योजना से लेकर निर्माण कार्यों तक में हिस्सेदारी और निजी हितों की राजनीति की जा रही है और अब इसे जनहित का मुद्दा बताने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि रेलवे रैक पॉइंट से ट्रक मालिकों, चालकों, मजदूरों सहित सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है और यह वर्षों से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अगर कहीं कोई समस्या है तो प्रशासनिक नियमों के अनुसार सुधार और व्यवस्था बनाकर समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि किसी की छवि खराब करने के उद्देश्य से विवाद खड़ा किया जाना चाहिए।

ट्रक ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि आने वाले समय में जनता स्वयं इसका जवाब देगी और तीन साल बाद होने वाले चुनाव में लोग सही और गलत का फैसला करेंगे। उन्होंने दावा किया कि तिल्दा-नेवरा की जनता अब समझ चुकी है कि यह पूरा मामला वास्तव में किस उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

 

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