पर्यटन स्थल भूतेश्वरनाथ और चिंगरापगार में लोगों को किया गया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहद अनोखे और मनोरंजक तरीके से साइबर अपराधों से बचने के गुण सिखाए

AINS NEWS गरियाबंद… छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ राज्य पुलिस द्वारा एक विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। 23 अगस्त से 29 अगस्त तक दूसरा सप्ताह वित्तीय धोखाधड़ी और यूपीआई सुरक्षा के संबंध में पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों की सुरक्षा और उन्हें डिजिटल ठगी से बचाने के लिए एक विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल भूतेश्वरनाथ एवं चिंगरापगार जलप्रपात में गरियाबंद पुलिस द्वारा एक अनूठा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में डीएसपी गोपाल वैश्य ने उपस्थित हजारों के संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहद अनोखे और मनोरंजक तरीके से साइबर अपराधों से बचने के गुण सिखाए। उन्होंने अपने गीतों एवं आम बोलचाल की भाषा और रोचक उदाहरणों का प्रयोग करते हुए लोगों को वर्तमान में चल रहे विभिन्न प्रकार के डिजिटल फ्राॅड के प्रति सचेत किया।

*डीएसपी गोपाल वैश्य द्वारा दी गई मुख्य जानकारियां एवं टिप्स*
▪️ अनोखा अंदाज डीएसपी वैश्य ने गीतों, संवादों और वास्तविक घटनाओं के उदाहरण देकर लोगों को साइबर सुरक्षा की बारीकियां समझाईं, जिससे पर्यटक आसानी से जुड़ सके।
▪️ यूपीआई और बैंक फ्राॅड किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करने और लाॅटरी या इनाम के लालच में न आने की अपील की।
▪️ ओटीपी सुरक्षा बैंक अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी फोन काॅल्स से सावधान रहने और अपना ओटीपीया बैंक पासवर्ड कभी किसी से साझा न करने की हिदायत दी।
▪️ सोशल मीडिया सतर्कता, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने और अपनी निजी तस्वीरें व जानकारियां शेयर करने से बचने को कहा।
▪️ तत्काल सहायता किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत *राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930* पर काॅल शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।
*पुलिस अधीक्षक गरियाबंद का संदेश*
आज के डिजिटल युग में केवल तकनीक का उपयोग करना काफी नहीं है, बल्कि सुरक्षित तकनीक का उपयोग करना जरूरी है। गरियाबंद पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधों पर नियंत्रण पाना नहीं, बल्कि जनता को इतना जागरूक बनाना है कि वे ठगी का शिकार ही न हों। पर्यटन स्थलों पर भीड़-भाड़ का लाभ उठाकर ठग सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए हमारे अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं।




