द इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट पर भारत निर्वाचन आयोग ने दिया जवाब
डिजिटल प्लेटफॉर्म सख्त डेटा सुरक्षा नियमों के तहत काम करते हैं ताकि बिना अनुमति के किसी तरह का बदलाव न किया जा सके

AINS NEWS… भारत निर्वाचन आयोग ने द इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट पर विस्तृत जवाब दिया है, रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने नाम हटाने और वोटर डेटाबेस तक पहुंच को लेकर आपत्तियां जताने की बात सामने आई थी।

इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने अपना विस्तृत जवाब दिया है, आयोग ने प्रेस नोट में कहा कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां किसी भी संस्थान में चर्चा का सामान हिस्सा है, आयोग के मुताबिक अंतिम फैसला लिए जाने से पहले लिखित नोटिस, टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच जैसी प्रक्रियाएं सामान्य रूप से चलती रहती हैं
आयोग ने कहा कि चुनाव आयुक्त की ओर से दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए थे, आयोग ने बताया कि पिछले 1 साल में उसने कई फैसले लिए, निर्देश जारी किया करीब 40 नई पहल शुरू की और कई चुनावी सुधार किया, इनमें देशभर में मतदाता सूची की जांच और उसमें सुधार की प्रक्रिया भी शामिल है जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया, आयोग के मुताबिक पिछले 1 साल में लिए गए यह सभी फैसले पूरी आयोग के सर्वसम्मत प्रेरणा का नतीजा है
आयोग ने कहा कि 10 महीने की अवधि में लिखी गई कुछ खास आंतरिक टिप्पणियों को सामने रखकर बाकी मंजूरी, फैसलों, निर्देशों और पहलुओं को नजरअंदाज करने से पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
मतदाता सॉफ्टवेयर को लेकर आयोग ने कहा कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म सख्त डेटा सुरक्षा नियमों के तहत काम करते हैं ताकि बिना अनुमति के किसी तरह का बदलाव न किया जा सके, आयोग ने भी कहा कि इलेक्ट्रोरोल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स कानून के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने से जुड़ी अपनी वैधानिक शक्तियों के अनुसार काम करते हैं।




