गरियाबंद

पार्षद ने ही की पालिका के निर्माण कार्यों की शिकायत : जांच की मांग

जांच पूरी होने तक लंबित भुगतान रोकने कलेक्टर से लगाई गुहार

AINS NEWS गरियाबंद… नगर पालिका परिषद गरियाबंद में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब पालिका के ही एक भाजपा पार्षद ने सवाल उठाए हैं। वार्ड क्रमांक 08 (डाक बंगला) के पार्षद खेमसिंह बघेल ने नगर पालिका क्षेत्र में कराये जा रहे पांच सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन निर्माण की आशंका जताते हुये जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है। शिकायत में इन पांचों निर्माण कार्यों की कुल अनुमानित लागत 37.19 लाख रुपये बताई गई है।

पार्षद ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि निर्माण स्थलों के अवलोकन के दौरान सड़क एवं नाली निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन और शासकीय राशि के उचित उपयोग को लेकर सवाल सामने आये हैं। उन्होंने मांग की है कि संबंधित निर्माण कार्यों का तकनीकी एवं अभिलेखीय सत्यापन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाये।

पांच निर्माण कार्य जांच के दायरे में

शिकायत के अनुसार, जांच के लिये चिह्नित कार्यों में वार्ड क्रमांक 03 में अरुण देवांगन के घर से भावेश होटल तक सीसी सड़क एवं नाली निर्माण, वार्ड क्रमांक 07 में विश्वनाथ फेब्रीकेशन से पार्वती ध्रुव के घर तक सीसी सड़क एवं नाली निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 05 में साहू सर के घर से सनत के घर तक सीसी सड़क और नाली निर्माण कार्य शामिल हैं।

इन पांचों कार्यों की अनुमानित लागत क्रमशः 6.54 लाख, 8.10 लाख, 9.29 लाख, 8.06 लाख और 5.20 लाख रुपये बताई गई है। पार्षद ने सभी कार्यों की वास्तविक निर्माण स्थिति और स्वीकृत प्राक्कलन के बीच मिलान कराने की मांग की है।

सिविल लाइन की सीसी सड़क को लेकर भी उठाये सवाल

पार्षद ने वार्ड क्रमांक 05 के सिविल लाइन क्षेत्र में सीसी सड़क निर्माण को लेकर प्रकाशित समाचार का भी उल्लेख किया है। शिकायत में कहा गया है कि समाचार में सड़क निर्माण के दौरान कचरे के ऊपर रेत बिछाकर निर्माण किये जाने के आरोप और सेप्टिक टैंक के आसपास निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाये गये थे।

इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिये पार्षद ने संबंधित स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही सड़क की मोटाई, आधार निर्माण, निर्माण सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच कराने पर जोर दिया है।

माप पुस्तिका से लेकर भुगतान तक की जांच की मांग

जनदर्शन में खेमसिंह बघेल ने कलेक्टर से मांग की है कि जांच केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि निर्माण कार्यों की स्वीकृत डिजाइन, तकनीकी स्वीकृति, प्राक्कलन, मूल माप पुस्तिका (एमबी), मूल्यांकन पत्रक, बिल-वाउचर, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और भुगतान संबंधी अभिलेखों की भी जांच की जाये।

उन्होंने यह भी कहा है कि निर्माण कार्यों की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का वास्तविक मापन कराया जाये। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण भी कराया जाये, ताकि निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता का पता चल सके।

जांच पूरी होने तक लंबित भुगतान रोकने की मांग

खेमसिंह ने जांच पूरी होने और निर्माण कार्यों की वास्तविक मात्रा एवं गुणवत्ता का तकनीकी सत्यापन होने तक संबंधित कार्यों के लंबित भुगतानों पर रोक लगाने की मांग मुख्य रूप से की है। पार्षद ने निर्माण कार्यों से जुड़े मूल अभिलेख सुरक्षित रखने तथा जांच के लिये नगर पालिका से स्वतंत्र सक्षम तकनीकी अधिकारियों अथवा विशेषज्ञों की टीम गठित करने का भी आग्रह किया है।

उन्होंने कहा है कि यदि जांच में गुणवत्ताहीन निर्माण, गलत मूल्यांकन, नियमविरुद्ध भुगतान अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिये। दोषपूर्ण निर्माण पाये जाने पर संबंधित एजेंसी से नियमानुसार सुधारात्मक कार्य कराने की मांग भी की गई है।

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक जवाबदेही के लिये महत्वपूर्ण

नगर पालिका के निर्माण कार्यों को लेकर पार्षद द्वारा उठाये गये इन सवालों के बाद अब जांच की मांग महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, शिकायत में लगाये गये आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र तकनीकी जांच और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पार्षद खेमसिंह बघेल ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासकीय राशि के उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

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