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यह बदले की राजनीति, नाम बदल के नहीं, काम करके दिखाना होगा- विष्णुदेव साय

BJP प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय (BJP State President Vishnudev Sai) ने कहा कि यह बदले की राजनीति है. वैसे भी नाम बदलने से कुछ नहीं होगा.

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh News) में भी अब नाम बदलने की परंपरा रफ्तार पकड़ने लगी है. इसी को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम शुरू हो गया गया. चंदखुरी, गिरौदपुरी और सोनाखान (Change in name of Chandkhuri Giroudpuri Sonakhan) के नाम बदले जाने पर राजनीति शुरू हो गई है

BJP प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय (BJP State President Vishnudev Sai) ने कहा कि यह बदले की राजनीति है. वैसे भी नाम बदलने से कुछ नहीं होगा. काम करके दिखाना होगा. नाम बदलने का विरोध नहीं करते पर काम करके दिखाना होगा.

BJP के इस बयान पर मंत्री अमरजीत भगत (Minister Amarjit Bhagat) ने भी पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो भी कम करते हैं, तर्कसंगत करते हैं, ये जगह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह कदम सराहनीय है

अमरजीत भगत ने कहा कि बीजेपी इसे बदले की राजनीति कह रही है. इस पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस वक्त पूरे हिंदुस्तान में फ्रस्ट्रेशन में है. वह किसी को पचाने की स्थिति में नहीं है, कोई भी अगर उनका विरोध कर दिया तो वह कहते हैं, हमारा विरोध क्यों कर दिया हम अपना गलती नहीं देखेंगे.

बता दें कि चंदखुरी, गिरौदपुरी और सोनाखान का नाम बदला (Change in name of Chandkhuri Giroudpuri Sonakhan) गया है. विश्व का एकमात्र कौशल्या मंदिर चंदखुरी (Kaushalya Temple Chandkhuri) में है, साथ ही श्रीराम वनपथ गमन पर्यटन परिपथ में भी चंदखुरी में शामिल है, इसलिए चंदखुरी का नया नाम माता कौशल्याधाम रखा गया है. गिरौदपुरी का नया नाम बाबा गुरू घासीदास धाम होगा. गिरौदपुरी सतनाम पंथ के अनुयायियों की आस्था का बड़ा केन्द्र है.

वहीं सोनाखान का नया नाम शहीद वीरनारायण सिंह धाम रखा गया है. 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह (Virnarayan Singh first martyr of Chhattisgarh) की जन्मस्थली सोनाखान है. राजपत्र में तीनों नए नामों का जल्द प्रकाशन होगा

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