गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से कलेक्ट्रेट की पोताई करने वाला राज्य का पहला जिला बना बालोद
राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि की पोताई प्राकृतिक पेंट से की जाने वाली है.

AINS NEWS… मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालयों और भवनों की पोताई गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से की जायेगी, कलेक्ट्रेट की पोताई करने वाला राज्य का पहला जिला बालोद बन गया है.

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कलेक्टोरेट पहुंचने के तुरंत बाद प्राकृतिक पेंट से कलेक्ट्रेट भवन की पोताई कर इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ किया.
बता दें कि,19 फरवरी को जिले के ग्राम परसतराई और सोरर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिले के प्राकृतिक पेंट इकाई और जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में बेहतरीन कार्यों की सराहना की थी. इस दौरान गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम परसतराई में मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थल की पोताई जिले में निर्मित गोबर पेंट से की गई थी, जिसकी मुख्यमंत्री बघेल ने सराहना की थी
दरअसल, राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि की पोताई प्राकृतिक पेंट से किया जाना है.
कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा अपने अधिनस्थ कार्यालयों और शासकीय भवनों के लिए लगातार बालोद विकासखण्ड के आदर्श गौठान बरही में स्थापित प्राकृतिक पेंट इकाई से गोबर से बने प्राकृतिक पेंट एवं डिस्टेम्पर की खरीदी की जा रही है. इसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा 225 रुपये प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक पेंट और 120 रुपये प्रति लीटर की दर से 400 लीटर प्राकृतिक डिस्टेम्पर कुल 1 लाख 62 हजार रुपये में 800 लीटर प्राकृतिक पेंट और डिस्टेम्पर की सर्वाधिक खरीदी की गई है.
नोडल अधिकारी और उप संचालक पशु चिकित्सा सेवा डाॅ. डी.के.शिवहरे ने बताया कि, विकासखण्ड गुरूर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोरर में 180 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है. साथ ही गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत परसतराई में 28 लीटर प्राकृतिक पेंट की खरीदी की गई है. इसके अलावा अन्य विभागों के द्वारा भी लगातार अपने विभागीय कार्यालयों और भवनों की पोताई के लिए प्राकृतिक पेंट और डिस्टेम्पर की खरीदी की जा रही है. पहले चरण में विभिन्न विभागों द्वारा 25 हजार लीटर पेंट की मांग की गई है. इस प्राकृतिक पेंट इकाई की प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता 200 लीटर है.
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले के बालोद विकासखण्ड के आदर्श गौठान बरही में 28 जनवरी को प्राकृतिक पेंट इकाई का शुभारंभ किया गया. इसके बाद मां गौरी स्वसहायता समूह के महिलाओं द्वारा लगातार प्राकृतिक पेंट उत्पादन का कार्य किया जा रहा है. मां गौरी स्वसहायता समूह के अध्यक्ष शैल कुमारी सिन्हा ने बताया कि, बरही स्थित प्राकृतिक पेंट इकाई में गोबर से इमल्सन पेंट और डिस्टेम्पर बनाया जा रहा है. इसके लिए महिला स्वसहायता समूह द्वारा पशुपालकों और चैराहों से गोबर की खरीदी की जा रही है. इसके बाद साफ-सफाई कर पेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है. उन्होंने बताया कि, इस प्राकृतिक पेंट इकाई में वर्तमान में सफेद, पीला, हरा, गुलाबी रंग के पेंट का उत्पादन किया जा रहा है. इसके साथ ही विशेष ऑर्डर पर अन्य रंगों के पेंट का भी उत्पादन किया जा रहा है.




