रसोइयों को मिली अनुमति, दो दिनों तक नवा रायपुर में करेंगे धरना प्रदर्शन, कलेक्टर दर वेतन है मांग
सालों आंदोलन करने के बाद ₹300 की वृद्धि की जाना हास्यास्पद है

AINS RAIPUR…पिछले कई वर्षों से पंद्रह सौ प्रति माह में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने का काम करने वाले 87,026 रसोइयों की मांग है कि उन्हें कलेक्टर दर दिया जाए, गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने इस बजट में उनके वेतनमान में ₹300 की बढ़ोतरी की थी जिससे संपूर्ण रसोईया संघ व्यथित और आक्रोशित है और सभी कलेक्टर दर की मांग पर अड़े हुए हैं

रसोईया संघ की कार्यकारी अध्यक्ष नीलू ओगरे ने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष में उन्हें केवल 10 माह के लिए वेतन प्राप्त होता है, ऐसे में सालों आंदोलन करने के बाद ₹300 की वृद्धि की जाना हास्यास्पद है, नीलू ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार बेरोजगारों को 2,500 प्रतिमाह दे सकती है लेकिन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों को मात्र ₹300 देकर संतुष्ट करना चाहती है, जिसके लिए वे अपने आंदोलन को चरणबद्ध करने की तैयारी में है, इसकी अनुमति 3 अप्रैल को जिला कलेक्टर रायपुर से ली गई, अब आगामी 10 और 11 अप्रैल को रसोईया संघ अपनी मांगों को लेकर नवा रायपुर में प्रदर्शन करने के लिए तैयार है





