छत्तीसगढ़

आदिवासीयों ने पखांजुर में किया जंगी प्रदर्शन, छह सूत्रीय मांग को लेकर एसडीएम को सौपा ज्ञापन,भाजपा प्रदेश प्रवक्ता का जलाया पुतला

बरसते पानी मे प्रदर्शनकारी डंटे रहे और रैली से टस से मस नही हुए।

AINS PAKHANJUR….गुरुवार को पखांजुर के नया बाजार में हजारो आदिवासीयों ने जंगी प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी हुई।इस प्रदर्शन में आदिवासी छात्र युवा संगठन समेत तमाम आदिवासी संगठन के महिला पुरुष समेत युवक युवती शामिल हुए। तमाम लोग पखांजुर के भीमराव अंबेडकर चौक में इकट्ठा होकर सड़क पर बैठ गए। जिससे करीबन एक घण्टे तक सडक जाम रहा।उसके बाद रैली के माध्यम से भगत सिंह चौक पर आकर पुनः आधे घण्टे का सडक जाम किये। गौरतलब है कि इसी दौरान जमकर बारिश हुई, बावजूद बरसते पानी मे प्रदर्शनकारी डंटे रहे और रैली से टस से मस नही हुए। यह रैली पुराना बाजार तक गई और पुनः अम्बेडकर चौक पर आकर जमकर नारेबाजी की गई।

गौरतलब है कि रामनवमी के अवसर पर हुए झंडा विवाद पर आरोपियो को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाही और भाजपा प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास के खिलाफ कार्रवाही समेत छह मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गौरी शंकर श्रीवास का पुतला दहन कर गिरफ्तार करने हेतु जमकर नारेबाजी की गई। आन्दोलनकारियो ने अपना छह सूत्रीय मांग पत्र राज्यपाल के नाम एसडीएम पखांजुर को सौंपा और मांगो को जल्द पूरा करने की मांग की। इस कार्यक्रम के दौरान पूरे परलकोट में सर्व आदिवासी समाज ने बन्द का आव्हान किया था, जिसका मिला जुला असर देखने मिला।
इस कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षापूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने हेतु पूरा पखांजुर पुलिस छावनी में तब्दील रहा और पुलिस के तमाम आला अफसर भी मौजूद रहे। मांगे पूरी नही होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी समाज प्रमुखों ने दी है।

राजा राम कोमरा,बसन्त ध्रुव,सिया राम पुड़ो,राजेश नुरूटी,विनोद कुमेटी,सोमा नुरूटी,मैनी कचलामी,अजित नुरूटी, शम्भू सलाम,मानसु आँचला समेत समाज प्रमुखों ने कहा कि रामनवमी के एक दिन पूर्व हुए घटनाक्रम के सम्बंध में पखांजुर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी गई है,जिसपर 24 घण्टे का अल्टीमेटम दिया गया था। परन्तु अब तक पुलिस ने कार्रवाही नही किया है। ऐसे में लगता है मानो पुलिस कार्रवाही के मूड में नही है। यदि मामले में कार्रवाही नही हुई तो पुनः उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला छोटे बैठिया प्रांगण से सरस्वती माता की मंदिर को हटाए जाने और भीमराव अंबेडकर,भगत सिंह आदि महापुरुषों के मूर्तियों पर किसी भी धर्म का झंडा न लगाने जैसे कुल छह मांगो को जल्द पूरा करने की मांग आन्दोलनकारियो ने की है।इस आंदोलन में हजारो की संख्या में महिला,पुरुष,युवक,युवती शामिल हुए।

 

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