वन अतिक्रमण के मामले में कैद आदिवासी की मौत पर बिफरे लोगों ने किया चक्काजाम
वन विभाग से मृतक की पत्नी को मुआवजे के साथ नौकरी के आश्वासन पर आदिवासियों ने आंदोलन खत्म किया.

गरियाबंद AINS। वन अतिक्रमण के आरोप में जेल में कैद भोज राम ध्रुव की मौत से गुस्साए आदिवासी समाज ने शासन-प्रशासन के खिलाफ सोमवार से मोर्चा खोल रखा था. वन विभाग से मृतक की पत्नी को मुआवजे के साथ नौकरी के आश्वासन पर आदिवासियों ने आंदोलन खत्म किया.

आदिवासी समाज के सदस्य मृतक के परिवार को नौकरी व मुआवजा की मांग के अलावा वन अफसर पर कार्यवाही की मांग पर अड़े थे. सोमवार की रात 10 बजे तक आंदोलन जारी रहा. मंगलवार को फिर से 3000 की संख्या में जिले भर से आदिवासी और फिर से तिरंगा चौक को जाम किया गया.
प्रशासन की ओर से कोई पहन होने न देख गुस्साए लोगों ने बेरीकेट तोड़कर वन परिसर का घेराव किया. आखिरकार वन अफसरों से मिले नौकरी और मुआवजे के आश्वासन के बाद तिरंगा चौक में ही सामाजिक लोगों ने मृतक भोजराम को श्रद्धांजलि देकर शाम 5 बजे आंदोलन को समाप्त किया.
डीएफओ एम मणिवासगन ने प्रतिनिधि मंडल से मिलने के बाद मृतक की पत्नी को वानिकी कार्य में दैनिक वेतन भोगी की नौकरी देने आश्वासन दिया. डीएफओ ने कहा कि मुआवजे की मांग को लेकर शासन को पत्र भेजा जा रहा है.




