नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता, 1 करोड़ के इनामी मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सली ढेर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों की जमकर तारीफ की और कहा कि नक्सलवाद का अंत अब तय

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने नक्सल संगठन के केंद्रीय कमेटी सदस्य और ₹1 करोड़ के इनामी मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को ढेर कर दिया।

इस बड़ी सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों की जमकर तारीफ की और कहा कि नक्सलवाद का अंत अब तय है। शाह ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर लिखा—
“नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने संयुक्त अभियान में ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है। समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी आत्मसमर्पण कर दें। आगामी 31 मार्च से पहले लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है।”
कई घंटों तक चली मुठभेड़
सूत्रों के अनुसार, सुबह जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद गरियाबंद E-30, STF और कोबरा की टीम मौके पर रवाना हुई। वहां पहुंचते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से कई घंटों तक मुठभेड़ चली। इसमें 10 नक्सली मारे गए, जिनमें सबसे बड़ा नाम मोडेम बालकृष्णा का है।
कौन था मोडेम बालकृष्णा?
मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी का सदस्य था। वह कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित किया था।




