ओडिशा सरकार ने तंबाकू और निकोटीन वाले सभी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर लगा दिया पूरी तरह से प्रतिबंध
जो उत्पाद अलग-अलग बेचे जाते हैं लेकिन उपभोक्ता उन्हें मिलाकर इस्तेमाल करते हैं, वे भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे

AINS NEWS… सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार ने तंबाकू और निकोटीन वाले सभी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. बुधवार को जारी अधिसूचना में पहले से लागू प्रतिबंधों को और सख्त किया गया है. यह आदेश साल 2013 के पुराने आदेश की जगह लेगा. यह प्रतिबंध चबाने वाले और बिना चबाने वाले सभी तंबाकू उत्पादों पर लागू होगा. इसमें फ्लेवर, खुशबू या किसी भी तरह के एडिटिव्स मिले उत्पाद भी शामिल हैं. गुटखा, पान मसाला, खैनी, जरदा और अन्य प्रोसेस्ड या पैकेटबंद तंबाकू उत्पाद अब प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. यह नियम इस बात पर भी लागू होगा कि इन्हें किस तरह बेचा जाता है.

जो उत्पाद अलग-अलग बेचे जाते हैं लेकिन उपभोक्ता उन्हें मिलाकर इस्तेमाल करते हैं, वे भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे. अधिकारियों ने बताया कि बिना धुएं वाले तंबाकू से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा बढ़ रहा है. इसे अक्सर पान के पत्ते, सुपारी और चूने के साथ खाया जाता है. सरकार ने कहा कि यह आदत बच्चों और युवाओं के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है.




विश्व स्वास्थ्य संगठन के तहत इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार इन उत्पादों को कैंसर पैदा करने वाला माना गया है. इससे मुंह, गले, पेट, अग्न्याशय और गुर्दे का कैंसर हो सकता है. ये लत भी लगाते हैं और मुंह के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. इस प्रतिबंध के जरिए ओडिशा सरकार का उद्देश्य हानिकारक उत्पादों की उपलब्धता को रोकना और पूरे राज्य में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत करना है




