RAIPUR

स्कूलों में साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम

लगभग 950 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की दी गई जानकारी

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष *साइबर जागृति अभियान* के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में *साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम* आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 950 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले (IPS) के मार्गदर्शन में, पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में आयोजित कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के नए तरीकों एवं उनसे बचाव के व्यवहारिक उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।

थाना खम्हारडीह क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कचना में *साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम* आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 250 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए तथा “संवाद से समाधान” के तहत व्यक्तिगत सुरक्षा एवं महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया।

थाना पंडरी क्षेत्र अंतर्गत आदर्श स्कूल, मोवा में *साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम* आयोजित कर लगभग 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया गया।

थाना उरला क्षेत्र अंतर्गत रायपुर पब्लिक स्कूल, गाजीनगर में *साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम* में लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान साइबर अपराधों से बचाव के साथ यातायात जागरूकता एवं नए आपराधिक कानून के संबंध में भी जानकारी दी गई।

थाना गुढ़ियारी क्षेत्र अंतर्गत माँ भारती स्कूल, पड़ाव गुढ़ियारी में *साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम* आयोजित कर लगभग 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।

कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक एवं मैसेज पर क्लिक नहीं करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड अथवा इंस्टॉल नहीं करने, OTP, PIN, CVV एवं पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन निवेश एवं सोशल मीडिया फ्रॉड से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।

इसी दौरान *“संवाद से समाधान”* के तहत बच्चों से संवाद कर गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं अपनी समस्याओं को अभिभावकों तथा पुलिस के साथ साझा करने के संबंध में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को अपने परिजनों को भी साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर *1930* पर कॉल करने तथा साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

 

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