निलंबित आईपीएस रतनलाल डांगी मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया, 7 दिनों के भीतर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का आदेश
महिला ने आईपीएस डांगी की करोड़ों की अवैध संपत्ति की भी शिकायत की है

AINS NEWS… निलंबित आईपीएस रतनलाल डांगी द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर की पत्नी से अश्लील हरकतें और यौन उत्पीड़न के मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है, जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच ने पुलिस विभाग की लचर कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताते हुए 7 दिनों के भीतर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का आदेश दिया है,

2 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में पुलिस विभाग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया था, कोर्ट ने सख्त हिदायत दी कि अगस्त तय समय सीमा में जवाब नहीं मिला तो 29 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में ऑफिसर इंचार्ज डीजीपी स्वयं उपस्थित हों
क्या है मामला…
बिलासपुर निवासी पीड़िता पेशे से योगा टीचर है और उसके पति पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं याचिका के मुताबिक साल 2017 में डांगी बस्तर में डीआईजी थे तब उन्होंने फेसबुक के जरिए पीड़िता से जान पहचान बनाई बाद में चंदखुरी पदस्थापना के दौरान आईजीपी रहते हुए डांगी ने योग सिखने के बहाने वीडियो कॉल करना शुरू किया, महिला का आरोप है कि आईजीपी डांगी सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक पीड़िता पर व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रहने का दबाव बनाते थे
पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो डांगी ने धमकी दी कि वह उसके पति पर झूठा प्रकरण दर्ज करा कर जेल भेज देगा और उसका ट्रांसफर नक्सल प्रभावित जिले में कराकर परिवार को बर्बाद कर देगा, धमकियों से घबराकर पीड़िता प्रताड़ना सहती रही, आखिरकार 15 अक्टूबर 2025 को पीड़िता ने पुलिस महानिदेशक रायपुर के समक्ष लिखित शिकायत की
जांच के लिए जो समिति बनाई गई थी उस पर भी विवाद खड़ा हुआ था, पुलिस महानिदेशक ने आईजीपी डांगी से निचले पद की अधिकारी डीजीपी मिलना कुर्रे और समान रेंक के आईजीपी आनंद छाबड़ा को जांच सौंपी, हाईकोर्ट में अधिवक्ताभिषेक पांडे और ऋषभदेव साहू ने तर्क दिया कि दोनों अधिकारी अपनी जांच में डांगी को बचाने का प्रयास कर सकते हैं, जांच अधिकारी आनंद छाबड़ा खुद महादेव सट्टा एप मामले में आपराधिक प्रकरण में पार्टी है ऐसे में दागी अधिकारी को इतनी संवेदनशील जांच सौंपना नैसर्गिक न्याय का घोर उल्लंघन है,
महिला ने 20 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार और राज्य के गृह सचिव को भी पत्र भेजा लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई, महिला ने आईपीएस डांगी की करोड़ों की अवैध संपत्ति की भी शिकायत की है जिसकी जांच पुलिस समिति ने पूरी तरह नजर अंदाज कर दी
अवैध संपत्ति की भी शिकायत
शिकायत के अनुसार खुद को राजस्थान के मजदूर परिवार का सदस्य बताने वाला डांगी और उनके परिवार के नाम पर अथाह संपत्ति है, इनमें रायपुर के धर्मपुरा में 15-20 करोड़ का 3 मंजिला मकान, पत्नी मंजू डांगी के नाम पर राजस्थान के चौसेली में जमीन मकान, तीनों बेटों के नाम पर छत्तीसगढ़ में अस्पताल के लिए करोड़ों की जमीन इसके अलावा कोरबा में आदिवासी महिला के नाम पर 23 एकड़ जमीन, बिलासपुर में बिल्डर के साथ पार्टनरशिप, माता भंवरी देवी के नाम पर राजस्थान में फार्म हाउस, कोविड काल में बुक डिपो मालिकों को 2 करोड रुपए ब्याज पर देने और पत्नी के पास करोड़ों के सोने हीरे के जेवरात होने के आरोप हैं, बेटे की शादी में भी करोड़ों रुपए खर्च किए गए
हाई कोर्ट में दायर रिट याचिका में मांग की गई है कि वर्तमान जांच समिति के दोनों सदस्यों को तत्काल हटाया जाए उसकी जगह वरिष्ठ आइएस और महिला आईएएस अधिकारियों को नई समिति में शामिल किया जाए और विभागीय जांच निष्पक्ष रूप से की जाए, मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को तय की गई है




