तेली समाज ने मनाया मारबत उत्सव, समाज की बुराई, बीमारी, संकट और नकारात्मकता का किया दहन
पोला के दूसरे दिन मनाया जाने वाला एक अनूठा और ऐतिहासिक सांस्कृतिक त्यौहार है मारबत उत्सव

AINS NEWS… रायपुर तेली समाज के द्वारा मारबत उत्सव का शानदार आयोजन किया गया, जिसमें समाज की बुराइयां, बीमारियां, संकट और नकारात्मकता के प्रतीक के रूप में एक पुतले का निर्माण किया गया और उसका दहन किया गया।

मार्बल उत्सव महाराष्ट्र में पोला के दूसरे दिन मनाया जाने वाला एक अनूठा और ऐतिहासिक सांस्कृतिक त्यौहार है।
इस उत्सव में बांस, लकड़ी, घास और पुराने कपड़ों से बड़े-बड़े पुतले बनाए जाते हैं, इसे नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है,


महाराष्ट्र में इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। बताते हैं की इस परंपरा की शुरुआत लगभग 1880 के दशक में ब्रिटिश राज के दौरान हुई थी, जब जनता ब्रिटिश शासन के अत्याचारों और सामाजिक, राजनीतिक स्थितियों के प्रति अपना गुस्सा खुलकर व्यक्त नहीं कर पाती थी। मारबत के जरिए अंग्रेजों और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज करने का रास्ता निकाला गया था।
नागपुर का इतवारी क्षेत्र इस उत्सव का प्रमुख केंद्र बिंदु होता है, इस दौरान विशाल शोभायात्रा में इस पुतले को घुमाया जाता है और अंत में इस पुतले का दहन किया जाता है, जिसका अर्थ है कि शहर से सारी नकारात्मकता और बुराई नष्ट हो गई।
राजधानी रायपुर के तेली समाज द्वारा इस मारबत परंपरा मारबत उत्सव का आयोजन कई वर्षों से किया जा रहा है, जिसमें तेली समाज के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं।




