RAIPUR

दो वर्ष पूर्व हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस को मिली सफलता, मृतिका के नाखूनों में मिले DNA साक्ष्य से जुड़ी हत्या की कड़ी

दो वर्ष पुराने अज्ञात हत्या के मामले में सतत विवेचना एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग से सफलता

AINS NEWS… पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा रायपुर कमिश्नरेट में अज्ञात हत्या सहित गंभीर अपराधों के मामलों के शीघ्र निराकरण तथा ऐसे प्रकरणों पर लगातार ध्यान देते हुए उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुरूप *अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले* के मार्गदर्शन एवं लगातार समीक्षा में प्रकरण की जांच को आगे बढ़ाया गया। श्री कांबले द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों, संदिग्धों की पहचान एवं विवेचना की प्रत्येक महत्वपूर्ण कड़ी पर लगातार दिशा-निर्देश दिए गए तथा प्रकरण के निराकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की लगातार समीक्षा की गई।

इसी क्रम में *DCP Crime श्री स्मृति राजनाला* एवं *DCP North Zone श्रीमती दीपमाला कश्यप* द्वारा भी प्रकरण की लगातार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। *ACP उरला सुश्री पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण* में थाना खमतराई की टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी, संदिग्ध व्यक्तियों एवं पूछताछ से प्राप्त तथ्यों को आपस में जोड़ते हुए लगातार विवेचना को आगे बढ़ाया गया।

*लगभग दो वर्ष पुराने इस अज्ञात हत्या के प्रकरण को पुलिस टीम द्वारा एक चुनौती के रूप में लेते हुए उपलब्ध प्रत्येक साक्ष्य की बारीकी से समीक्षा की गई। घटना के समय प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य से लेकर संदिग्धों की पहचान, DNA profiling, तकनीकी जानकारी एवं पूछताछ के प्रत्येक पहलू पर लगातार कार्य किया गया। समय बीत जाने के बावजूद प्रकरण की कड़ी को छोड़े बिना लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई।*

इसी क्रम में थाना खमतराई के *अपराध क्रमांक 14/2026, धारा 103(1) बीएनएस* के प्रकरण में *21 अगस्त 2024 को हुई महिला लता साहू की हत्या* के मामले का महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

*गिरफ्तार आरोपी—*

*01. मनहरण सारंग*, पिता ईंतवारी सारंग, उम्र 33 वर्ष, निवासी प्रेमनगर, पंचू किराना स्टोर के पास, रावांभाठा, छत्तीसगढ़।

*02. राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू*, पिता गोविन्द्र पाल, उम्र 31 वर्ष, निवासी हीरालाल वार्ड, नवागांव, जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़।

*03. राजू मंडल उर्फ बंगाली*, पिता विजय मंडल, उम्र 35 वर्ष, हाल निवासी रावणभाठा, थाना खमतराई,स्थाई निवासी कैम्प-01, अर्जुन नगर, दशहरा मैदान के पास, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़।

*मृतिका: लता साहू, पति स्व. हेमचंद साहू उम्र 40 वर्ष, निवासी ट्रांसपोर्ट नगर, 6 नंबर पार्किंग के पास, थाना खमतराई, रायपुर।*

*घटना के समय सुरक्षित किया गया DNA बना महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य*

दिनांक *21 अगस्त 2024* को लता साहू की हत्या की घटना हुई थी। घटना की विवेचना के दौरान मृतिका के हाथों के नाखूनों में अज्ञात व्यक्ति के *Biological Traces* पाए गए थे। पुलिस द्वारा उक्त वैज्ञानिक साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए विधिवत सुरक्षित कराया गया तथा उसका *DNA profiling* कराया गया।

घटना के समय आरोपी अज्ञात थे, लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित रखा गया, जिससे भविष्य में संदिग्ध व्यक्तियों के सामने आने पर उसका वैज्ञानिक मिलान कराया जा सके।

वर्ष 2026 में प्रकरण की विवेचना के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने पर उनके DNA samples लिए गए। पूर्व में सुरक्षित किए गए DNA profile से वैज्ञानिक मिलान कराए जाने पर *तीनों आरोपियों का DNA मृतिका के नाखूनों से प्राप्त Biological Traces से match होना सामने आया।*

इस वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस द्वारा तीनों से पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से बचते हुए अलग-अलग बातें बताई गईं, किंतु उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के संबंध में लगातार पूछताछ किए जाने के बाद उनके द्वारा घटना के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य एवं घटनाक्रम बताया गया।

*शराब को लेकर विवाद, आपसी संघर्ष के बाद हुई हत्या*

आरोपियों के कथनों के अनुसार 21 अगस्त 2024 को तीनों लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे। शराब समाप्त होने पर पुनः शराब मांगने को लेकर विवाद एवं झूमाझटकी होने लगी। इसी दौरान राजू मंडल ने लता साहू का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ तथा राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे। संघर्ष के दौरान लता साहू द्वारा बचने के लिए आरोपियों को नोचने का प्रयास किया गया, जिसके दौरान उसके नाखूनों में आरोपियों के Biological Traces आने की बात सामने आई, जिनका बाद में DNA profiling कराया गया। कुछ समय बाद लता साहू की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी घर में रखी नगदी, साड़ी एवं बाजारू पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए। नगदी आपस में बांट ली गई, जबकि साड़ी एवं पायल मनहरण सारंग द्वारा अपने पास रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस द्वारा आरोपियों के बताए अनुसार घटना से संबंधित वस्तुओं एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

*आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड*

राजू मंडल उर्फ बंगाली के विरुद्ध पूर्व में 02 चोरी एवं 01 हत्या के अपराध दर्ज हैं। वर्तमान हत्या का प्रकरण उसके विरुद्ध दर्ज चौथा अपराध है।

मनहरण सारंग के विरुद्ध भी पूर्व में मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का अपराध दर्ज होना पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया है।

*दो वर्ष पुराने वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित रखने से मिली महत्वपूर्ण सफलता*

इस प्रकरण में पुलिस की विवेचना की महत्वपूर्ण कड़ी घटना के समय मृतिका के नाखूनों से प्राप्त *Biological Traces* रहे। घटना के समय आरोपी अज्ञात होने के बावजूद उक्त साक्ष्य को सुरक्षित कराकर DNA profiling कराया गया।

लगभग दो वर्ष बाद संदिग्धों की पहचान होने पर उसी पुराने DNA profile से samples का वैज्ञानिक मिलान कराया गया। तीनों आरोपियों के DNA का उक्त साक्ष्य से *match* होना सामने आने के बाद विवेचना को महत्वपूर्ण दिशा मिली।

वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों से घटना के संबंध में लगातार जानकारी प्राप्त की गई, जिसके बाद घटना का क्रम, विवाद का कारण, प्रत्येक आरोपी की भूमिका तथा घटना के बाद की गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

यह सफलता *वैज्ञानिक साक्ष्य के संरक्षण, तकनीकी एवं वैज्ञानिक विवेचना, लगातार पूछताछ तथा पुराने गंभीर प्रकरण की सतत समीक्षा* के परिणामस्वरूप प्राप्त हुई है।

*थाना खमतराई एवं ACCU टीम का विशेष योगदान*

प्रकरण के निराकरण में *थाना प्रभारी खमतराई निरीक्षक जितेन्द्र जायसवाल* एवं थाना खमतराई की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही *ACCU टीम* द्वारा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण तथा संदिग्धों की पहचान में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

*ACCU के ASI नवरंग कश्यप* का भी प्रकरण की विवेचना एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़ने में विशेष योगदान रहा।

लगातार समीक्षा, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान एवं पूछताछ के विभिन्न पहलुओं को आपस में जोड़कर की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप लगभग दो वर्ष पुराने इस प्रकरण में तीनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

यह कार्रवाई *रायपुर कमिश्नरेट की वैज्ञानिक एवं पेशेवर पुलिसिंग, गंभीर प्रकरणों पर लगातार फोकस तथा उपलब्ध प्रत्येक साक्ष्य को महत्व देते हुए उसे परिणाम तक ले जाने की कार्यप्रणाली* को दर्शाती है।

नॉर्थ जोन पुलिस द्वारा गंभीर एवं अज्ञात अपराधों के मामलों में *वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विवेचना एवं सतत निगरानी* के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

 

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