देवभोग में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर, डीईओ ने दिए निर्देश
बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, नियमित अध्यापन और परीक्षा परिणाम सुधारने पर फोकस

AINS NEWS… गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के बीआरसीसी कार्यालय स्थित प्रशिक्षण कक्ष में 22 अक्टूबर को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलांबर कश्यप सहित विकासखंड के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य और संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत जिला शिक्षा अधिकारी के स्वागत के साथ हुई।

बैठक में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, अनुपस्थित बच्चों के पालकों से तत्काल संपर्क करने और विद्यालय का वातावरण रोचक, आकर्षक एवं भयमुक्त बनाने पर जोर दिया गया। बच्चों के पठन-लेखन कौशल को बढ़ाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास कराने तथा शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने पर चर्चा हुई। शिक्षकों को निर्धारित समय-सारणी एवं शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार नियमित अध्यापन करने, अवकाश की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था से कक्षाएं संचालित करने तथा विषयवार व्याख्याता नहीं होने पर योग्य स्नातक शिक्षकों से अध्यापन कराने पर जोर दिया गया।

मासिक टेस्ट, यूनिट टेस्ट और त्रैमासिक परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था करने की बात कही गई। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने शिक्षकों को पूरी तैयारी के साथ अध्यापन करने, कक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने तथा डीएड-बीएड के शिक्षण कौशल और विभागीय प्रशिक्षणों का उपयोग करने पर जोर दिया। बैठक में VSK में अनिवार्य उपस्थिति, UDISE, छात्रवृत्ति एवं e-HRMS की प्रविष्टियां समय पर पूर्ण करने तथा स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और लाइब्रेरी का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
विद्यालय परिसर की स्वच्छता, हरियाली, नियमित एसएमसी एवं पालक बैठक, शैक्षणिक नवाचार और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सामाजिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया गया। साथ ही शासकीय योजनाओं का बेहतर संचालन और विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि का अभिलेख संधारित करने की आवश्यकता बताई गई।विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलांबर कश्यप ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, बच्चों की नियमित उपस्थिति और शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। बैठक में उपस्थित प्राचार्यों एवं संकुल समन्वयकों ने भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।




