छत्तीसगढ़

नीतू श्रीवास्तव का नाम 5 जून 2023 को गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज , समाज सेवा के क्षेत्र में विगत 11 साल से काम कर रही

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आज तक किसी भी स्टेट, नेशनल या इंटरनेशनल में दिव्यांग फैशन शो दर्ज नही हुआ है

AINS NEWS…समाज सेवा के क्षेत्र में विगत 11 साल से काम कर रही नीतू श्रीवास्तव जी का नाम 5 जून 2023 को गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।नीतू श्रीवास्तव जी श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ संस्था की संस्थापिका/ अध्यक्ष भी हैं ।गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्र्ड के एशिया हेड मनीष विश्नोई द्वारा विवेकानंद एयरपोर्ट के कैफे में गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट, मैडल, टी-शर्ट, बैज प्रदान किया गया। नीतू श्रीवास्तव जी के नेतृत्व में श्रुति फांउडेशन छत्तीसगढ़ संस्था ने 6 मार्च को छत्तीसगढ़ प्रदेश में पहली बार प्रदेश स्तरीय दिव्यांग फैशन शो का आयोजन किया था। यह कार्यक्रम बिल्कुल नया वह अनूठा था। इस कार्यक्रम को कराने का उद्देश्य दिव्यांग भाई-बहनों को फैशन के फील्ड में एक मंच प्रदान करना था ताकि उनके अंदर छुपी हुई प्रतिभा को निखारा जा सके। जब गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड वालों को हमारे इस कार्यक्रम की जानकारी हुई तो नीतु श्रीवास्तव जी से संपर्क किए। नीतू जी ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जिन्होंने भी दिव्यांग फैशन शो में अपना योगदान दिए उन सभी का धन्यवाद कहा। संस्था की संस्थापिका/ अध्यक्ष नीतू श्रीवास्तव जी ने बताया कि आगे भी उनकी संस्था श्रुति फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा आगे भी निरंतर इसी तरह के कार्यक्रम करते रहेंगे जो कुछ अलग होंगे।

पहला दिव्यांग फैशन शो गोल्डन बुक में दर्ज हुवा
गोल्डन बुक एशिया हेड मनीष विश्नोई ने जानकारी दी की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आज तक किसी भी स्टेट, नेशनल या इंटरनेशनल में दिव्यांग फैशन शो दर्ज नही हुआ है। ये पहला दिव्यांग फैशन शो गोल्डन बुक में दर्ज हुआ है। संस्था की संस्थापिका नीतू श्रीवास्तव जी ने बताया कि दिव्यांग फैशन शो 6 मार्च 2023 को शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी भिलाई में किया गया था। जिसमें प्रदेश भर से दिव्यांग प्रतिभागी शामिल हुए थे।

गोल्डन बुक द्वारा रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में संस्था के सदस्य श्रीमती सरिता जैन, श्रीमती मंजू पांडे, श्रीमती सीमा बाजपाई, श्रीमती साधना चौधरी, श्रीमती खोमेश्वरी साहू, श्रीमती रेखा यादव, श्री मनीष अग्रवाल,श्री डिलेश्वर चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड  
दुनिया बहुत प्रतिभा से भरी पड़ी है, लेकिन इस प्रतिभा के लिए सीमित संख्या में प्लेटफॉर्म होने के कारण, ऐसी प्रतिभा और कौशल रखने वाले लोगों के लिए हमेशा एक चुनौती होती है कि वे ठीक से उभर सकें और अपनी पहचान बना सकें। इसलिए, गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स ने वैश्विक स्तर पर कई श्रेणियों के साथ असीमित संख्या में रिकॉर्ड बनाकर और तोड़कर लोगों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने के लिए प्रेरित करने और उनकी सराहना करने की पहल की है।

 

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