मुरहा एक बार फिर बैठा परिवार सहित भूख हड़ताल पर : बंदोबस्त त्रुटि में सुधार की मांग
ख़रीपथरा की बंदोबस्त त्रुटि सुधार के लिये राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों की 10 लोगों की टीम गठित

AINS NEWS गरियाबंद… जिले के अमलीपदर तहसील क्षेत्र के मुरहा नागेश एक बार फिर आज जिला मुख्यालय में परिवार सहित भूख हड़ताल में बैठ गये हैं। इससे पहले मुरहा और उसका परिवार जुलाई माह में भी अपनी जमीन पर बंदोबस्त सुधार की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल में बैठ गया था।

मुरहा के नाम पर भूमि स्वामी ग्राम ख़रीपथरा प.ह.न.10 तहसील अमलिपदर जिला गरियाबंद में स्थित भूमि , जिसका खसरा न.478, 622 रकबा 0.91 व 1.77 हेक्टेयर कुल रकबा 2.68 हेक्टेयर है।
बंदोबस्त त्रुटि के पहले 1954 के मिशल रिकार्ड से लेकर 1986 के रिकॉर्ड में खसरा क्रमांक 1/83 में मुरहा नागेश का 2.680 रकबा रिकॉर्ड में दर्ज है।
लेकिन बंदोबस्त सुधार के बाद 1990 में बनाए गये रिकॉर्ड में जब खसरा क्रमांक बदला तो एक के बजाये दो खसरा क्रमांक 778 एवं 682 में तब्दील हो गया।
मुरहा की जमीन में मोती राम व अन्य किसानों का नाम दिख रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम ख़रीपथरा की बंदोबस्त त्रुटि सुधार के लिये राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों की 10 लोगों की टीम गठित की गई है।टीम पिछले दो से तीन दिनों से बंदोबस्त सुधार कार्य को चरणबद्ध तरीके से सुधार करने में जुटी हुईं है।
तहसीलदार सुशील भोई ने बताया कि पूर्व में मुरहा को जमीन का कब्जा दिलाया गया था।
उसके बाद बंदोबस्त सुधार के लिये टीम गठित की गई है। जुलाई में फसल लगी होने के कारण सर्वे या भूमि मापन कार्य नही हो सका, गांव में 75 के लगभग बंदोबस्त त्रुटियां है।
मक्के की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है, ऐसे में सर्वे और सत्यापन कार्य मुश्किल है।
फिर भी हम गांव में जा रहे हैं, वहां रिकॉर्ड मिलान किया जा रहा है, टेबल वर्क किया जा रहा है।




