गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत विशाल शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा
ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित है

AINS NEWS… रायपुर में “गो सम्मान आह्वान अभियान” के अंतर्गत विशाल संत समाज, गो सेवकों एवं समाज प्रमुखों द्वारा गो माँ और नंदी बाबा को साथ लेकर एक भव्य एवं शांतिपूर्ण भजन-कीर्तन प्रार्थना यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा माँ महामाया मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई, जहाँ सभी श्रद्धालुओं एवं संत-महात्माओं ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रार्थना पत्र के साथ लगभग 21,200 व्यक्तियों द्वारा संकल्पित पत्रकों को लाल वस्त्र में सिर पर धारण कर नंगे पाँव पैदल चलते हुए अभियान का शुभारंभ किया।

गो सम्मान यात्रा में भजन-कीर्तन करते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देशभर की तहसीलों में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जनमानस तक पहुँचाना रहा।
इस अवसर पर प्रेस वार्ता के दौरान देशभर से पधारे पूज्य संत-महात्माओं—गो ग्वाल संत जगद्गुरु श्री भावानंद पीठाधीश्वर श्री अविराम दास जी महाराज, श्री सुरभि दास जी महाराज, श्री लक्ष्मीकांत महाराज जी, श्री अमित उपाध्याय जी, श्री योगेश महाराज जी, श्री राघव दास जी महाराज, श्री शिवम महाराज जी एवं श्री विमल तिवारी जी—के सान्निध्य में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
साथ ही छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संरक्षक दादा ठाकुर राम गुलाम सिंह ने भी गो सम्मान आह्वान अभियान को समर्थन दिया

इस प्रार्थना यात्रा मे श्री राधेश्याम अग्रवाल, श्री राकेश अग्रवाल, श्री सरोज सिंह, श्री प्रितीश शर्मा, श्री नवीन शर्मा, श्री नरेश शर्मा एवं श्री बसंत तिवारी सहित अनेक समाज प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संत-महात्माओं ने पत्रकार बंधुओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अभियान के उद्देश्य एवं स्वरूप पर प्रकाश डाला। प्रार्थना यात्रा में गो सेवक आदेश सोनी के साथ बड़ी संख्या में गो सेवक-सेविकाएं, गो पालक, समाजसेवी, व्यापारी वर्ग, एनजीओ प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
इस दौरान अभियान के अंतर्गत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मोतीबाग गार्डन में प्रार्थना पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया। प्रस्तुत ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित है, जिसमें गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं गो माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई है। साथ ही गोवंश की सुरक्षा, कृषि, पर्यावरण संतुलन एवं भारतीय संस्कृति में उसके महत्व को ध्यान में रखते हुए ठोस नीतिगत कदम उठाने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में गोवंश की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए सेवा सुरक्षा सम्मान के साथ-साथ शासन स्तर पर प्रभावी निर्णय अपेक्षित हैं। यह प्रार्थना पत्र देशभर के विभिन्न प्रशासनिक स्तरों के माध्यम से उच्च नेतृत्व तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।

“गो सम्मान आह्वान अभियान” के अंतर्गत दिनांक 27 अप्रैल 2026 को पूरे भारतवर्ष में एक साथ 5000 से अधिक तहसीलों में प्रार्थना पत्र (ज्ञापन) सौंपे गए। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों की 229 तहसीलों में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राजधानी रायपुर में प्रातः 10:00 बजे सभी श्रद्धालु माँ महामाया मंदिर में एकत्रित होकर शांतिपूर्ण भजन-कीर्तन करते हुए मोतीबाग तक यात्रा निकाली, जहाँ जनमानस की उपस्थिति में तहसीलदार को प्रार्थना पत्र (ज्ञापन) प्रस्तुत किया गया।
संतों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गो माता को “राष्ट्र माता” का सम्मान दिलाना तथा गोवंश की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान दिलवाना है। यह अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण, श्रद्धा एवं आस्था पर आधारित जन-जागरण का माध्यम है, जिसमें किसी प्रकार का विरोध-प्रदर्शन नहीं किया जाता, बल्कि भजन-कीर्तन एवं प्रार्थना के माध्यम से भावनाएं व्यक्त की जाती हैं।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यह अभियान किसी एक संगठन या व्यक्ति तक सीमित न होकर, साधु-संतों के मार्गदर्शन में गो सेवक-सेविकाएं, गो पालक, प्रकृति प्रेमी, समाजसेवी एवं आम नागरिकों के सामूहिक सहयोग से संचालित हो रहा है।




