‘गौ सम्मान’ की हुंकार, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग
देशव्यापी अभियान का ऐलान

AINS NEWS… गरियाबंद से गौ संरक्षण को लेकर एक बड़ा और संगठित आंदोलन आकार लेता नजर आ रहा है। सोमवार को गौसेवकों और गौरक्षकों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा, जिसमें गौवंश के संरक्षण के लिए ठोस और कड़े कदम उठाने की मांग की गई।

इस दौरान गौसेवकों ने 27 अप्रैल को पूरे देश में ‘गौ सम्मान दिवस’ मनाने का आह्वान किया। उनका कहना है कि गौ माता केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ और ‘राष्ट्रदेव’ का दर्जा देने, गौहत्या पर सख्त राष्ट्रव्यापी कानून बनाने, गौ मंत्रालय के गठन और गोबर-गोमूत्र के वैज्ञानिक उपयोग के लिए अनुसंधान केंद्र स्थापित करने जैसी अहम मांगें रखी गईं। साथ ही गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुव्यवस्थित चारा प्रबंधन की भी बात कही गई।
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति भी तय की गई है। पहले चरण में देशभर की तहसीलों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में जिला स्तर पर कलेक्टर के जरिए राज्य सरकारों तक मांगें पहुंचाई जाएंगी।

गौसेवकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे राजधानी दिल्ली में कूच कर आमरण अनशन जैसे कड़े कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
आखिर में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि 27 अप्रैल को ‘गौ सम्मान दिवस’ में शामिल होकर गौ संरक्षण के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।




