गरियाबंद

खाकी पहनकर वन्य प्राणियों और जंगलों की रक्षा कर रही नारी शक्ति, चुनौतियों को स्वीकारा

बाघ और राजकीय पशु वन भैंसा की सुरक्षा से लेकर अवैध अतिक्रमण को हटाती महिला वन कर्मचारी

AINS NEWS/JEEVAN S. SAHU…. आज देश में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही अखिल भारतीय सेवाओं में आईपीएस, आईएएस, आईएफएस समेत हर पोस्ट पर महिलाएं काबिज हैं छत्तीसगढ़ प्रदेश के उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व जैसे वन क्षेत्र में भी महिलाएं आगे आकर अब वन अफसर तथा वनकर्मी और दूसरे पदों पर भी सेवाएं दे रही हैं भारतीय वन सेवा, राज्य वन सेवा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, वनपाल, सहायक वनपाल और वनरक्षक के पदों पर महिलाओं ने जिम्मेदारी उठा रखी है,

नारी को शक्ति स्वरूपा कहा गया है और इसी शक्ति का परिचय देती नजर आ रही है वन विभाग में कार्यरत महिला अफसर और कर्मचारी जो न सिर्फ अपने परिवार का पालन पोषण करती है बल्कि खाकी पहनकर वन्य प्राणियों और जंगलों की रक्षा भी करती है।

जंगलों में महिला कर्मचारी ट्रैकिंग पर जाती हैं और पुरुषों के बराबर काम करती नजर आ रही है। आपको बताते चले कि टाईगर रिवर्ज जैसे बेहद दुर्गम जंगल में वन्य प्राणियों और जंगल की सुरक्षा में तैनात महिला अफसरो और कर्मचारियों के योगदान को भी नही भुलाया जा सकता और उनके साहस और काबिलियत को लोग सलाम करते है तथा अन्य महिलाओं को इनसे प्रेरणा भी मिल रही है कि आज महिलाए किसी भी क्षेत्र में कम नही है,

उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व 1842.54 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र में फैला हुआ है और यह जंगल में बाघ, तेदुंआ, हाथी, भालु, राजकिय पशु वन भैसा सहित कई दुलर्भ वन्य प्राणी भारी संख्या में पाये जाते है घने जंगल के साथ ही बड़े-बड़े नदी नाले और दुर्गम पहाड़ी रास्तो भरा क्षेत्र है वन संसाधनों और वन्य प्राणियों को सहेजने, संवारने और सुरक्षा की जिम्मेदारी वन परिक्षेत्र अधिकारी के साथ-साथ वनपाल और वन रक्षकों की होती है हालांकि फील्ड पर रहने के दौरान वनकर्मियों को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है जिससे वन संसाधन और वन्य प्राणी सुरक्षित रहें एक विशेषता है कि यहां पर वन संसाधनों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा की कमान महिला अफसर और वनकर्मियों के पास है।

*उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में 9 महिला अफसरो एवं कर्मचारियों ने संभाल रखी है कमान*

उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में तीन महिला वन अफसर, वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती में ज्योति ध्रुव,सीतानदी में कविता ठाकुर, अरसीकन्हार में अनामिका वर्मा वन अफसर के रूप में तैनात है तो वहीं टीकेश्वरी साहू, शीवा शुक्ला, जय ललिता ध्रुव, परमेश्वरी, ललिता मरकाम, रिंकी जोशी कुल 9 महिला अफसर और कर्मचारी जंगल की सुरक्षा में तैनात है और प्रतिदिन जंगल में इन्हे देखा जा सकता है जो वन्य प्राणियों के साथ ही जहां जंगलो की सुरक्षा कर रहे है वहीं दूसरी अवैध अतिक्रमण के साथ ही जंगल में अवैध शिकार के मामलो में आरोपियों को पकड़ने में अपने महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते नजर आयी हैं और पुरुष स्टाफ के साथ-साथ महिला स्टाफ भी कंधे से कंधा मिलाकर वन संसाधन और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए जुटी हुई हैं।

*घर के जिम्मेदारियों के साथ जंगलो की सुरक्षा बेहतर ढंग से कर रही है*

जंगलों में बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है घर की जिम्मेदारियों के साथ वे वन संसाधन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा बेहतर तरीके से कर रही हैं वन परिक्षेत्र अधिकारी उदंती ज्योति ध्रुव बताती हैं कि उनकी रुचि वनों में थी इसलिए वे वन विभाग में सेवा दे रही है उन्हें अच्छा लगता है कि वे जंगलों की सुरक्षा कर रही हैं और प्रकृति से जुड़ी हुई हैं उनके सामने वन क्षेत्रों में किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर बड़ी चुनौती है जिसे वह सामंजस्य स्थापित कर ग्रामीणों को समझाते हुए वन क्षेत्रों के भू-भाग को अतिक्रमण से मुक्त कराती हैं वन संपदा की सुरक्षा के साथ-साथ वन्य प्राणियों की सुरक्षा करना उन्हें अच्छा लगता है इसके लिए वह लगातार फील्ड पर रहते हुए ग्रामीणों को वन क्षेत्रों की सुरक्षा करने के लिए प्रेरित भी करती हैं उन्होने बताया कि उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में राजकीय पशु वनभैसा होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे है। वन रक्षक ललिता मरकाम, टिकेश्वरी साहू एवं अन्य महिला कर्मचारियों ने बताया वे लगातार फील्ड पर रहकर वन संसाधनों को सहेजने, संवारने और सुरक्षा देने में जुटी रहती हैं।

*चूल्हा-चौका ही नहीं खाकी पहनकर नारी शक्ति जंगलों की रक्षा भी करती है*

वन विभाग में महिलाओं ने बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि चूल्हा-चौका ही नहीं खाकी पहनकर नारी शक्ति जंगलों की रक्षा भी करती है महिलाओं के लिए कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है महिला अफसर कविता ठाकुर, अनामिका वर्मा ने बताया कि रोजाना ड्यूटी पर आकर वन्यजीवों की देखरेख करते उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को वन विभाग ज्वाइन करना चाहिए वन्यजीव और वनों की रक्षा करनी चाहिए जंगल में ड्यूटी करने के दौरान समय पर अधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहता है महिलाएं अपने परिवार के पालन के साथ अपनी ड्यूटी को भी बखूबी से निभा रही हैं।

*अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा*
क्षेत्र से लेकर प्रदेश और देशभर में अन्य महिलाओं के लिए भी यहां किसी प्रेरणा से काम नहीं है कि आज के समय में महिलाएं किसी से कम नहीं है आज ग्रामीण इलाके के बालिकाएं भी अच्छी शिक्षा हासिल कर वन विभाग में सेवा देने के लिए आगे आ रही है जो महिलाओं के लिए एक प्रेरणा से काम नहीं है,

 

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