RAIPUR

कलेक्टर कार्यालय के बाहर 8 घंटे धरने पर बैठे ग्रामीण, महिलाओं बच्चों के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन

प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप

AINS NEWS… नकटी गांव में कथित बुलडोज़र कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज शहर जिला कांग्रेस कमेटी एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर कार्यालय के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी और मुख्य द्वार पर ही रोक दिया।

इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ही धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर लगभग 12 बजे शुरू हुआ यह धरना रात 8 बजे तक लगातार चलता रहा। धरने में बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ न्याय की मांग को लेकर डटी रहीं।

धरने के दौरान न तो कलेक्टर और न ही कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से मिलने पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पीड़ितों की बात सुनने के बजाय उनसे दूरी बनाई। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं अन्य अधिकारी कार्यालय के पीछे लगे लोहे के ग्रिल को कटवाकर पिछले रास्ते से बाहर निकल गए, जो प्रशासन की जवाबदेही से बचने का प्रमाण है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि उन्हें सेक्टर 30 में जिस स्थान पर बसाने की बात कही जा रही है, वहां वे किसी भी परिस्थिति में नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि वे वर्षों से अपने गांव में रह रहे हैं और उन्हें उनके मूल गांव में ही रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए तथा सम्मानपूर्वक पुनर्वास किया जाए।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि विधायक अनुज शर्मा और सांसद बृजमोहन अग्रवाल को लगता है कि सेक्टर 30 का स्थान रहने योग्य है, तो वे स्वयं वहां 24 घंटे रहकर दिखाएं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर उन्हें भेजा जा रहा है, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और वह रहने योग्य नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, उनकी सुध लेने के बजाय प्रशासन ने उनसे मिलने तक की जरूरत नहीं समझी। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासन दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
घंटों चले इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा की नकटी गांव के गरीब, मजदूर और महिलाओं की आवाज सुनने के बजाय प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के दरवाजे उनके लिए बंद कर दिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है। जब पीड़ित न्याय की गुहार लेकर आए, तब कलेक्टर उनसे मिलने तक नहीं पहुंचे और पीछे के रास्ते से निकल जाना प्रशासन की संवेदनहीनता और जवाबदेही से भागने का उदाहरण है। कांग्रेस पार्टी अंतिम व्यक्ति को न्याय मिलने तक उनके संघर्ष में मजबूती से साथ खड़ी रहेगी।

ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कहा की आज पूरे दिन महिलाएं अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ धूप और बारिश की परवाह किए बिना धरने पर बैठी रहीं, लेकिन प्रशासन का एक भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी पीड़ा सुनने नहीं आया। जिन लोगों का घर उजड़ा है, उन्हें न्याय देने के बजाय उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यदि प्रशासन शीघ्र ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और न्याय के लिए ठोस निर्णय नहीं लेता, तो कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।

अनीता योगेंद्र शर्मा कुलदीप जुनेजा पंकज शर्मा प्रवीण साहू ऊधोराम वर्मा शैलेश नितिन त्रिवेदी भावेश बघेल जयंत साहू आशीष वर्मा हीरेंद्र देवांगन विद्याभूषण सोनवानी कन्हैया अग्रवाल सुंदर जोगी देवेंद्र यादव सकलेन कामदार मनोज कंदोई राकेश धोत्रे अर्जुमन ढेबर सुयश शर्मा सुजीत सिंह कमल धृतलहरे विनोद ठाकुर ओम श्रीवास अनिल रायचुरा दीपक चौबे वेंकट कुमार सुरेश उपाध्याय दिनेश ठाकुर बंशी कन्नौजे सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

श्रीकुमार शंकर मेनन
अध्यक्ष
शहर जिला काँग्रेस कमेटी रायपुर

 

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