गरियाबंद

कलाई पर बंधी राखी तो आंखों में छलक आया अपनापन, दिव्यांग बहन का पुलिस भाइयों ने किया दिल से स्वागत

गरियाबंद सिटी कोतवाली में वर्दी के पीछे छिपा भाई का दिल देखकर हर कोई हुआ भावुक

AINS NEWS गरियाबंद… रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गरियाबंद सिटी कोतवाली में उस वक्त माहौल बेहद भावुक और आत्मीय हो गया, जब ग्राम गुजरा निवासी कुमारी पटमेश्वरी कंवर अपने पुलिस भाइयों को राखी बांधने थाने पहुंचीं। दिव्यांग बहन को सामने देखकर पुलिसकर्मियों ने भी पूरे अपनत्व के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें बहन का दर्जा देते हुए स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया।

पटमेश्वरी कंवर ने थाना परिसर में मौजूद थाना प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। उन्होंने भाइयों का तिलक किया, मिठाई खिलाई और रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। दूर गांव से अपने पुलिस भाइयों के लिए राखी लेकर पहुंची बहन के इस स्नेह ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।

राखी बंधवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने भी बहन को आशीर्वाद देते हुए हर सुख-दुख में उसके साथ खड़े रहने का भाव प्रकट किया। कुछ देर के लिए सिटी कोतवाली का माहौल किसी पुलिस थाने से अधिक एक ऐसे परिवार जैसा नजर आया, जहां रिश्ते खून से नहीं बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास से बनते हैं।

थाना प्रभारी ने कहा—पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं, समाज के रिश्तों की भी जिम्मेदारी समझती है

गरियाबंद सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी उप निरीक्षक धनेश्वर सिंह सिदार ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है। पटमेश्वरी बहन का दूर से राखी लेकर थाने पहुंचना हम सभी के लिए बेहद भावुक और सम्मान का क्षण है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान भले ही कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन समाज के हर व्यक्ति के साथ मानवीय संवेदना और अपनत्व बनाए रखना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।

थाना प्रभारी ने कहा कि बहन के हाथों राखी बंधवाकर सभी पुलिसकर्मियों को ऐसा महसूस हुआ, जैसे अपने परिवार की बहन ने उनकी कलाई पर प्रेम और विश्वास की डोर बांधी हो। रक्षाबंधन का यही भाव समाज को जोड़ता है और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराता है।

इस दौरान थाना प्रभारी उप निरीक्षक धनेश्वर सिंह सिदार, उप निरीक्षक राजकुमार साहू, खेतसिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक ओमकार साहू, मनोज भगत, तुलाराम साहू, सुरेश नेताम सहित आरक्षक संतोष यादव, गोपाल साहू, पूर्णानन्द साहू और सत्यप्रकाश देवांगन उपस्थित रहे।

रक्षाबंधन के इस मौके पर सामने आया यह दृश्य पुलिस के उस संवेदनशील चेहरे को दिखाता है, जो वर्दी और कानून की सख्ती के पीछे छिपा रहता है। एक दिव्यांग बहन का राखी लेकर थाने पहुंचना, पुलिस भाइयों का उसका आत्मीय स्वागत करना और फिर राखी, तिलक व मिठाई के साथ रिश्तों की डोर में बंध जाना—यह पल लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया।

 

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