गरियाबंद

दो ग्रामीणों का सामना एक साथ चार भालुओं से, जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष का मंजर

तुमड़ीबहार सहित आसपास के गांवों में ग्रामीणों के बीच भालुओं की गतिविधियों को लेकर डर

AINS NEWS गरियाबंद… धमतरी जिला के नगरी ब्लाक अंतर्गत सीता नदी उदंती टाईगर रिजर्व क्षेत्र के जंगल की रास्ते पर आज गुरुवार की सुबह अचानक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष का मंजर बन गया। ग्राम तुमड़ीबहार के दो ग्रामीणों का सामना अर्जुनी जंगल के पास एक साथ चार भालुओं से हो गया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, भालुओं ने हमला कर दिया। हमले में दिनेश नेगी और मदन नेताम घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, तुमड़ीबहार निवासी दिनेश नेगी पिता आत्माराम नेगी और मदन नेताम पिता पुना राम नेताम गुरुवार सुबह करीब 7 बजे अर्जुनी जंगल के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक चार भालू उनके सामने आ गए। ग्रामीणों के मुताबिक, देखते ही देखते भालुओं ने दोनों पर हमला कर दिया। तीन भालुओं ने दिनेश नेगी को घेर लिया, जिससे उनके सिर के पास चोटें आईं। वहीं एक भालू ने मदन नेताम के हाथ पर नाखून मार दिया, जिससे वे भी घायल हो गए।

अचानक हुए हमले से दोनों ग्रामीण घबरा गए। किसी तरह भालुओं से दूरी बनाकर वे जंगल क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल हुए। घटना की जानकारी मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता डीके यादव, भानु राम नेताम और टिकेश नेताम ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को वाहन के जरिए नगरी अस्पताल पहुंचाया गया। नगरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चोटों की गंभीरता को देखते हुए दोनों को आगे के उपचार के लिए धमतरी अस्पताल रेफर किया गया।

अर्जुनी जंगल के आसपास ग्रामीणों का लगातार आना-जाना रहता है। जंगल पर निर्भर ग्रामीण रोजमर्रा के कई कामों के लिए वन क्षेत्र में पहुंचते हैं। ऐसे में एक साथ चार भालुओं का दिखाई देना और दो ग्रामीणों पर हमला होना चिंता का विषय बन गया है। घटना के बाद तुमड़ीबहार सहित आसपास के गांवों में ग्रामीणों के बीच भालुओं की गतिविधियों को लेकर डर बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से अर्जुनी जंगल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के लिए जागरूक करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र से लगे गांवों में वन्यजीवों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक साथ चार भालुओं का सामने आना और हमला करना गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे इलाकों में नियमित निगरानी और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जानकारी देना जरूरी है।

फिलहाल दोनों घायल ग्रामीणों को आगे के उपचार के लिए धमतरी रेफर किया गया है। वहीं घटना के बाद तुमड़ीबहार और आसपास के गांवों में जंगल की ओर जाने वाले ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है।

 

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