चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश – अनिल चंद्राकर
चुनाव आयोग और देश से माफी मांगें राहुल गांधी : भाजपा

AINS NEWS गरियाबंद… भारत निर्वाचन आयोग के तीनों आयुक्तों द्वारा SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर दिए गए संयुक्त बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्ट बयान से कांग्रेस और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, जिला महामंत्री आशीष शर्मा, मंत्री सुरेन्द्र सोनटेके, बिंद्रानवागढ़ मंडल अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा भी उपस्थित थे।

भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। भारत के चुनाव आयोग की दुनिया भर में साख
है। उसके निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस
को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस को अब आरोपों और भ्रम की राजनीति से आगे बढ़कर तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस को राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिलता, तब वह चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी राजनीतिक दल या नेता को संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले उपलब्ध तथ्यों और आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण को गंभीरता से देखना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से अपने पूर्व आरोपों पर पुनर्विचार करने और देश की जनता के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कहा कि अफसोस की बात यह है कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है, फिर भी कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जब भी कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ने लगती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है।




