गेवा का 15 oct से अनिश्चितकालीन धरना, लंबित पेंशन एवं सेवानिवृत्ति देयकों के भुगतान में लापरवाही और कथित पक्षपात
जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की कार्यवाही भेदभाव पूर्ण, दोषियों को अभयदान देने जांच अधूरी

AINS NEWS/रायपुर/मुंगेली… गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ (GEWA) के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग ने बताया कि शा. उच्च माध्यमिक विद्यालय भालापुर मूँगेली में दिवंगत ब्याख्याता टीका राम खांडे की मृत्यु पश्चात शासकीय कर्मचारियों के लंबित पेंशन, जीपीएफ एवं ग्रेच्युटी भुगतान के मामलों में विद्यालय के प्राचार्य व लिपिक एवं आहरण अधिकारी प्राचार्य शा उच्च माध्यमिक विद्यालय कंटेली ने कथित लापरवाही व प्रकरण की अनदेखी की अतः संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

संगठन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भालापुर के प्राचार्य एवं खंड लिपिक के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्णय तथा अवमानना नोटिस से संबंधित प्रकरण को रोककर अनावश्यक विलंब कर मनमानीपूर्ण कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंतेली के प्राचार्य, जो आहरण एवं संवितरण अधिकारी भी हैं, पर संबंधित देयकों के भुगतान में विलंब करने का आरोप है। इसके कारण संबंधितआश्रित परिवार के पेंशन, सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) एवं ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण सेवानिवृत्ति लाभ अब तक लंबित /वंचित है। जिला धीश मूँगेली के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी मूँगेली की जांच और कार्रवाई में निष्पक्षता पर संगठन उठाए सवाल।
प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग ने बताया कि संगठन ने इन मामलों में लापरवाही की शिकायत जिला कलेक्टर, मुंगेली को ज्ञापन सौंपकर की थी तथा निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की थी। संगठन का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच के दौरान डीडीओ कार्यालय के लिपिक देवेंद्र केशरवानी, सहायक ग्रेड-2 को निलंबित किया गया, लेकिन संगठन की दृष्टि में प्रकरण के मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने इस कार्रवाई को अधूरा बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


संगठन का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति देयकों का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है, तो इसकी जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। कर्मचारियों के पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ उनके अधिकार हैं और इनके भुगतान में अनावश्यक विलंब से उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मा उच्च न्यायालय ,के पारित निर्णय, अवमानना याचिका और सामान्य प्रशासन विभाग छ ग शासन के आदेश निर्देश का अनदेखी करने पर संगठन
15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है
प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग ने घोषणा की है कि यदि मामले में निष्पक्ष एवं पूर्ण कार्रवाई नहीं की जाती है, तो गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से जिला कलेक्टोरेट परिसर, मुंगेली के सामने स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया जाएगा। संगठन धरने के माध्यम से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी का निर्धारण, लंबित पेंशन एवं अन्य देयकों का शीघ्र भुगतान तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग करेगा।
नवरंग ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन को चाहिए कि वह शिकायतों पर निष्पक्षता से विचार करे तथा किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न होने दे। संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए समयबद्ध जांच कराई जाए और प्रभावित कर्मचारियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए।



