गरियाबंद

शिक्षक के निलंबन पर उठे सवाल : बहाली के लिये लामबंद हुये पालक और ग्रामीण

शाला प्रबंधन समिति ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा आवेदन, निष्पक्ष जांच के साथ निलंबन समाप्त करने की मांग

AINS NEWS गरियाबंद… विकासखंड फिंगेश्वर के शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा में शिक्षक जितेंद्र कुमार पारधी के निलंबन और उसके बाद शाला में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। शिक्षक के निलंबन को समाप्त कर पुनः विद्यालय में पदस्थ करने की मांग को लेकर शाला प्रबंधन समिति, पालकों एवं ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को आवेदन सौंपा है। समिति ने विभागीय कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुये पूरे मामले की पुनः समीक्षा करने की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा 4 नवंबर 2026 को प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा में लंबे समय से शिक्षकों की कमी के बीच शैक्षणिक व्यवस्था संचालित हो रही है। आवेदन में बताया गया है कि पूर्व में शिक्षिका धनकेश्वरी वर्मा के युक्तियुक्तकरण के तहत देवभोग स्थानांतरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की स्थिति और भी प्रभावित हुई। ऐसी स्थिति में विद्यालय के तीन शिक्षकों ने आपसी सहयोग से अध्यापन व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने का प्रयास किया। इसके लिये प्रति शिक्षक एक हजार रुपये की राशि तथा समिति के सहयोग से अतिरिक्त अध्यापन व्यवस्था भी की गई, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

आवेदन में निलंबित शिक्षक जितेंद्र कुमार पारधी के कार्यों की सराहना करते हुये कहा गया है कि वे अंग्रेजी विषय का अध्यापन कराते थे। उनके विद्यालय में नियमित उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण अध्यापन कराने तथा विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामीणों के साथ अच्छे व्यवहार का उल्लेख भी किया गया है। समिति का कहना है कि उनके निलंबन के बाद विद्यालय में मात्र दो शिक्षक शेष रह गये हैं, जिससे विशेषकर अंग्रेजी विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

निलंबन की कार्रवाई को लेकर आवेदन में बताया गया है कि शिक्षक पारधी की आकस्मिक अस्वस्थता के कारण अस्पताल जाने और विद्यालय पहुंचने में विलंब हुआ था। इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का आश्वासन देने के बावजूद पहले वेतन कटौती और बाद में वेतन कटौती का कारण पूछने पर निलंबन की कार्रवाई किये जाने का आरोप लगाया गया है।

विभागीय कार्रवाई में दोहरे मापदंड का आरोप

शाला प्रबंधन समिति ने आवेदन में विभागीय कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर एक अन्य प्रकरण का भी उल्लेख किया है। इसमें पूर्व प्रधानपाठक धर्मेंद्र सिंह ठाकुर के विरुद्ध छात्राओं से संबंधित गंभीर शिकायतों तथा अनुचित स्पर्श एवं मारपीट के आरोपों का हवाला देते हुये कहा गया है कि उस मामले में निलंबन जैसी कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता का हवाला देकर शिक्षिका के स्थानांतरण के बाद उन्हें अन्य विद्यालय में व्यवस्था के तहत पदस्थ किया गया। यही नहीं बल्कि शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक धर्मेंद्र ठाकुर को पदोन्नत किया गया है। समिति ने दोनों मामलों में अपनाई गई कार्रवाई के अंतर पर सवाल उठाते हुये समानता और निष्पक्षता के सिद्धांतों के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की है।

तीन प्रमुख मांगों पर जोर

शाला प्रबंधन समिति ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षक जितेंद्र कुमार पारधी के निलंबन प्रकरण की उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष पुनः समीक्षा करने, उनका निलंबन समाप्त कर तत्काल सेवा में बहाल करने तथा छात्र-छात्राओं के हित में उन्हें पुनःशासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा में पदस्थ करने की मांग की है।

इसके साथ ही पूर्व प्रधानपाठक से संबंधित छात्राओं की शिकायतों की पारदर्शी जांच कर अब तक की गई विभागीय कार्रवाई की भी समीक्षा करने का आग्रह किया है।

समिति ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा है कि शिक्षक की पुनः वापसी नहीं होने पर विद्यालय में तालाबंदी जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।

जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में ग्रामीणों / पालकों ने सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा है। फिलहाल विभाग की तरफ से शीघ्र ही व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया गया है।

 

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