डायरिया से 2 लोगों की मौत के बाद महापौर को भी दूषित जल भेंट किया गया
डायरिया से 2 लोगों की मौत के बाद आज गुस्साए लोगों ने पार्षद पियूष मिश्रा के नेतृत्व में निगम मुख्यालय के सामने अनोखा प्रदर्शन किया।

AINS BHILAI…भिलाई नगर निगम के अंतर्गत केम्प क्षेत्र में डायरिया से 2 लोगों की मौत के बाद आज गुस्साए लोगों ने पार्षद पियूष मिश्रा के नेतृत्व में निगम मुख्यालय के सामने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निगम भिलाई द्वारा बीमारियों की सौगात देने वाला दूषित जल का प्याऊ घर खोला जिसमें नगर निगम के अधिकारियों एवं सत्ता पक्ष के लोगों को गंदा पानी पीने की व्यवस्था की गई थी। साथ ही महापौर को भी पानी के जार में वही दूषित जल भेंट किया गया जो निगम क्षेत्र की आम जनता पी रही है।

पार्षद पीयूष मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमने जिलाधीश एवं आयुक्त नगर निगम भिलाई को ज्ञापन देकर ये मांग की है कि लंबे समय से पानी टंकियों की सफाई नहीं की गई है। 77 एम. एल .डी. व 66 एम.एल.डी. प्लांट एवं सभी पानी टंकियों को साफ करने का कार्य जिस एजेंसी को दिया गया है उसके द्वारा सफाई नियमित रूप से सही तरीके से नहीं की गई है। टंकियों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर कमीशन का बंदरबांट किया जा रहा है उसी प्रकार नगर निगम भिलाई क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। साफ-सफाई का कार्य कर रही है एजेंसी को भी बिना कार्य किए ही बिल भुगतान किया जा रहा है। मिश्रा ने कहा कि ये दोनों कार्य सत्ता पक्ष में बैठे लोग अपने लोगों को काम दिलाने के चक्कर में भिलाई की जनता के लिए जान का खतरा पैदा कर दिया है।

नगर निगम भिलाई के अधिकारी भी इसमें पूर्ण रूप से शामिल है। उन्होंने जिलाधीश एवं आयुक्त से मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों और आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आने वाले कार्य होने के कारण दोनों ही कार्य करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करा कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें एवं उनकी निविदा को निरस्त कर नए सिरे से इन कार्यों को कराया जाए। साथ ही प्रशासन से और सरकार से मांग की कि डायरिया में जिन गरीब परिवारों में मृत्यु हुई है उनके परिवार को 10 लाख की मुआवजा राशि मिले क्योंकि दोनों ही परिवार गरीब परिवार है और इनकी आजीविका इनके परिवार के सदस्य के जाने से प्रभावित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि उचित समय अवधि में नगर निगम भिलाई अगर कड़ी कार्यवाही नहीं करता या व्यवस्थाओं में सुधार नहीं करता है तो प्रदर्शन को और उग्र करते हुए नगर निगम के अधिकारियों के निवास स्थान पर जाकर प्रदर्शन कर उन्हें शर्मिंदा करने का कार्य किया जाएगा।




