
AINS CHHOLIWOOD…कहानी- सामान्य ही है लेकिन प्रेजेंटेशन बेहतरीन हो तो प्रभावशील होता ही है दो गांव में दुश्मनी गाँव वालों को ही पता नही किसलिए ?? पर परंपरा निभा रहे (पुलिया) जो दोनो गाँव को मिलाता है उसे (बॉर्डर) बनाकर बांट दिए है, हीरो देश की सेना में फौजी है, गाँव आता है, हीरोइन दुश्मन गांव की बेटी है पहली नजर में दिल दे बैठता है, हीरोइन कहती है हम दोनों के दिल तो मिल गए है पर हमसफ़र बन साथ चलने में बहुत दिक्कत है, पर ?? प्यार किया तो डरना क्या, ऐसे ही किसी शायर ने नही कहा है भाई साहब,,, दोनों के निर्मल सच्चे प्यार के ताकत के सामने दोनों परिवार और गांववाले नतमस्तक हो 1 हो जाते है, और हीरो हीरोइन को आखिरकार शादी की स्वीकृति मिल जाती है दिन तिथि तय हो जाती है हीरो बॉर्डर चला जाता है वहां ,अपनी शादी के लिए अवकाश भी स्वीकृत करा लेता है इधर शादी के लिए मंडप पर दुल्हन मेहंदी सजाए दूल्हे के संग अपने भविष्य के सतरंगी सपने संजोए बारात आने के इंतज़ार में ??? आगे क्या होता है आप एक बार बार जाके ज़रूर देखे ??

Actor पहली ही गेंद पर क्रिकेट में डेब्यू करने वाला बल्लेबाज जब बेधड़क हो तेज गेंदबाज को विश्वास से ओतप्रोत हो जब छक्का मारता है वही रजत पट पर पारी खेली है पहलि हि फ़िल्म में नील वर्मा ने गजब का कॉन्फिडेंस स्क्रीन प्रेजेंस है इस बन्दे का 1 शानदार लम्बी पारी खेलने वाले हीरो छोलीवुड को मिल चुका है निकट भविष्य में सबसे बिजी एक्टर(सुपरस्टार) हो सकते है ये ,,
Actress पूजा शर्मा (मोहनी गाने) की अदाकारा है जो पूरे भारत मे धूम मचा रखी है सीमा के रोल में एकदम ढल कर नेचरल एक्टिंग करी है इनका फिल्मी सितारा भविष्य में चमकने वाला है अग्रिम बधाई
अन्य सभी कलाकारों ने भी बेहतरीन अभिनय कर अपने चरित्र के साथ न्याय किया है (कका,करेला,) इस फ़िल्म के कुछ आर्टिस्ट मुम्बई में स्थापित हो चुके है,
Direction मृत्युंजय जी की ये पहली cg फ़िल्म तो है लेकिन बॉलीवुड में वो बड़े प्रोडक्शन हाउस में सहायक निर्देशक का जिम्मा बखूबी निभा चुके है उनकी कलात्मकता देखते ही बनती है बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवार्ड उन्हें मिलना इस साल का तय है शुभकामनाएं,
पटकथा,संवाद कहानीकार कौस्तुन साहू जी कपिल शर्मा शो के रायटर रहे है छोटे छोटे पंचेस उनके दर्शकों को गुदगुदाते भी है और भाव विभोर भी करते है
Dop तकनीक मेकअप पहली महिला सिनेमेटोग्राफर है cg फ़िल्म की आरुषि बागेश्वर जी ने शानदार दृश्याकन किया है वे मुम्बई में अपनी सेवाएं देती है एडिटिंग /लाइटिंग बढ़िया हुआ है मेकअप कोई ओवर नही जैसा कि हमारी cg फिल्मों में होता है इस फ़िल्म में निर्देशक ने एकदम नेचुरल टोन रखवाया है ताकि स्टोरी के अकॉर्डिंग करेक्टर वास्तविक लग
Music/ bgm
संगीत कथानुसार बढ़िया है, प्रीत के डोरी गाना है लेकिन bgm कमजोर हो सकता है,
रेटिंग-4/5 फ़िल्म प्रेजेटशन बढ़िया है फ्रेश तरोताज़ा अहसास कराती है नए कलाकारों का काम प्रभावी है केमेस्ट्री शानदार है शुरुवात में फ़िल्म थोड़ा सा स्लो है bgm कमजोर है कुछ जगहों पर ओवरऑल फ़िल्म देखने लायक है ज़रूर देखने जाए
SAMIKSHA– SUNIL SAGAR , (DIRECTOR C.G. FILM AND ALBUMS )




