छत्तीसगढ़

पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व महाप्रबंधक सुभाष मिश्रा की शिकायत झूठी निकली, कोर्ट ने किया खारिज, पीड़ित पत्रकार नारायण शर्मा के वकील ने भेजा 50 लाख का मानहानि का नोटिस

पीड़ित नारायण शर्मा द्वारा नोटिस के माध्यम से 50 लाख का मानहानि का दावा प्रस्तुत किया जा रहा है

AINS RAIPUR…सन 2010 और 11 में सुभाष मिश्रा छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, इस दौरान उन्होंने पत्रकार नारायण शर्मा के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपने वेबसाइट के माध्यम से मनगढंत और अपमानजनक समाचार प्रकाशित किए जाने का आरोप लगाया, जिससे नारायण शर्मा ने इनकार किया और विचारण किया गया।
न्यायालय में यह आरोप असत्य साबित हुआ और सुभाष मिश्रा के विरुद्ध तथ्य उजागर हुए, उक्त प्रकरण न्यायालय द्वारा समाप्त किए जाने के वक्त या बाद में कोई अपील, आपत्ति या पुनरीक्षण याचिका सुभाष मिश्रा के द्वारा प्रस्तुत नहीं की गई, जिसकी वजह से न्यायालय ने सुभाष मिश्रा की रिपोर्ट और आरोपों को खारिज कर दिया और प्रकरण को निरस्त कर दिया

पत्रकार नारायण शर्मा के वकील राम मूरत शुक्ला ने नोटिस में जिक्र किया कि सुभाष मिश्रा के आरोपों और शिकायत से उनके मुवक्किल के मान प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची, उनके सम्मान को गिराया गया, इसलिए पीड़ित नारायण शर्मा द्वारा नोटिस के माध्यम से 50 लाख का मानहानि का दावा प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके लिए 15 दिनों का समय भी दिया गया, समय बीत जाने के बाद पीड़ित द्वारा धारा 499 और 500 भारतीय दंड विधान के तहत दाँडिक अपराध दर्ज कराया जाएगा।

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