छत्तीसगढ़

धर्म संसद आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने भी अपनी संस्था के टीम के साथ फिल्म देखी, सनातनीयों से आग्रह किया, फिल्म जरूर देखें

फिल्म को देखने के बाद कुछ राजनीतिक दलों के नेता यही सवाल कर रहे है कि क्या केरल स्टोरी फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है? अगर सच्ची घटना है तो इसका प्रमाण भी दिखाए

AINS RAIPUR….केरल स्टोरी फिल्म का जब से ट्रेलर रिलीज हुआ है तब से फिल्म विवादों में रहा है कई राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है, तो वहीं कई राज्यों में फिल्म को ही बैन कर दिया गया है। फिल्म रिलीज होते ही छत्तीसगढ़ में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों के बीच सुगबुगाहट देखने को मिल रहा हैं फिल्म को देखने के बाद कुछ राजनीतिक दलों के नेता यही सवाल कर रहे है कि क्या केरल स्टोरी फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है? अगर सच्ची घटना है तो इसका प्रमाण भी दिखाए।

वही धर्म संसद आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने भी अपनी संस्था के टीम के साथ फिल्म देखी और फिल्म बनाने वाले की तारीफ करते हुए कहा कि हम फिल्म बनाने वाले को साधुवाद देते हैं जिसने केरल की सच्ची घटना को देश के पर्दे पर लाकर लोगों को रूबरू कराया है यह फिल्म से पता चलता है कि केरल की घटना दिल दहला देने वाली हैं।

नीलकंठ त्रिपाठी ने कहा कि कैसे केरल में जिहादियों द्वारा लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने प्यार के जाल में फंसाया जाता है फिर अल्लाह का डर दिखा कर उसको आईएसआईएस जैसे आतंकवादियों को बेच दिया जाता है। देश में ना जाने कितनी ही हिंदू लड़किया इन जिहादियों के जाल में फंस कर धर्मांतरण का शिकार हो रहे हैं यह तो केवल केरल का ही आंकड़ा है जो डराने वाली है।

त्रिपाठी ने कहा कि अगर हम अपने बच्चों को सनातन धर्म के बारे में नहीं सिखाएंगे और मंदिरो में नही भेजेंगे तो कोई और उन्हें अधर्म सिखाने में सफल हो जाएगा। आप सभी सनातनीयों से आग्रह है कि अपने परिवार के साथ मिलकर यह फिल्म जरूर देखें

Related Articles

Back to top button