मवेशी आजकल दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण बने, मवेशीयों के सड़क पर आने से हादसे की आशंका बढ़ गई
अक्सर बरसात का मौसम आते ही सूखे जगह की तलाश में मवेशी रहते है

AINS NEWS… बीजापुर जिला मुख्यालय की सड़कों पर आजकल आवारा मवेशियों की संख्या में काफ़ी इजाफा देखने को मिल रहा है। यही मवेशी आजकल दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण बने हुए है। अक्सर बरसात का मौसम आते ही सूखे जगह की तलाश में मवेशी रहते है। सड़कों में सूखे जगह होने से मवेशी बीच रोड पर ही अपना डेरा जमाकर बैठ जाते है। आवारा मवेशी सड़कों पर अपना कब्ज़ा जमाते इन दिनों एनएच 63 पर देखें जा सकते है। इन मवेशीयों के सड़क पर आने से हादसे की आशंका बढ़ गई है।

जिला मुख्यालय में रात को कलेक्टर कार्यालय और जिला पंचायत कार्यालय के सामने, बस स्टैंड, हॉस्पिटल चोक के सामने आवारा मवेशी सैकड़ो की संख्या में झुंड बनाकर बीच सड़क पर बैठते है। इन मवेशियों को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है जैसे की ये जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हो की उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाये जिससे की उनकी और राहगीरों की जान बच जाये। लेकिन जिला प्रशासन के जिन जिम्मेदारों के ऊपर मवेशियों और इंसानों की जान बचाने का जिम्मा है वो लगातार इस मामले में बेपरवाह नजर आ रहे है और किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहे है।
इसी राष्ट्रीय राजमार्ग 63 से होकर तेलंगाना – महाराष्ट्र राज्य की बड़ी बड़ी और विशालकाय गाड़िया गुजरती है। ऐसे में सुबह से लेकर रात तक आवारा पशु सड़कों पर डटे रहते है। इन्हे सड़क से भगाने और बचाने के फेर में ही बड़े हादसे हो सकते है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पालिका के पास अपना कांजी हाउस नहीं
वहीं नपा प्रशासन द्वारा सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस लाने पर इनके मालिक पर जुर्माना व जानवरों की नीलामी का प्रावधान भी है। नपा कांजी हाउस में रखे जाने वाले बड़े जानवरों पर 50 रूपये जुर्माना व 30 रूपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा निर्धारित 15 दिनों तक मवेशी मालिकों द्वारा मवेशियों को नहीं छुड़ाने पर जानवरों की नीलामी का प्रावधान है। लेकिन पालिका के पास कांजी हॉउस नहीं है। इस संबध में नगरपालिका के सीएमओ श्री पाल ने बताया की हम इसकी मुनादी करवायेंगे। जिन मालिकों के मवेशी है। उन पर भी जुर्माना लगाने की कार्यवाही करेंगे। हम मवेशियों को गौठानो में रखेंगे इसके लिए तैयारी की जा रही है।




