पत्रकार और पत्रकारिता को बदनाम करने हो रही है साजिश – पंकज विश्वकर्मा
खुलासे को अखबारों में प्रकाशित करने को लेकर भू माफियाओं ने उनसे दुश्मनी पाल ली

AINS NEWS… राजधानी रायपुर के पत्रकार पंकज विश्वकर्मा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ली और बताया कि जनहित के मुद्दों पर खोजी पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों पर उस समय जान पर बन आती है जब वह किसी सच्चाई को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि ऐसा ही उनके साथ भी हुआ है।

यह कहानी 2023 में शुरू हुई थी जब पंकज विश्वकर्मा एक टीवी चैनल में बतौर सीनियर रिपोर्टर थे, उन्हें एक ब्लैक बर्न नामक कंपनी के गिरोह की जानकारी मिली थी जो गरीबों के दस्तावेजों को जमा करवाते थे और उन दस्तावेजों से खुद लंबी चौड़ी कमाई किया करते थे, इस बात की जानकारी पंकज विश्वकर्मा ने तत्कालीन एसपी, एएसपी और क्राइम ब्रांच को भी दी थी, वहां से उन्हें पता चला कि इसकी जांच तो केंद्रीय जांच एजेंसी भी कर रही है बाद में इस जांच के दौरान कुल 27 गिरफ्तारियां हुई और 12 अगस्त से लेकर 15 अगस्त 2023 तक तत्कालीन एसएसपी रायपुर ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके इन गिरफ्तारियां की जानकारी दी थी।
इसके बाद पंकज विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने अपेक्स बैंक में हुए एक घोटाले का भी खुलासा किया था साथ ही भूमाफियाओं द्वारा देवपुरी में बेशकीमती जमीन के फर्जीवाड़े का खुलासा भी उन्होंने किया। उनके इस खुलासे को अखबारों में प्रकाशित करने को लेकर भू माफियाओं ने उनसे दुश्मनी पाल ली। उन्होंने बाकायदा नाम बताते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, यहां तक की उनके परिवार की महिलाओं को उठा लेने की बात कही गई इसकी भी शिकायत उन्होंने पुलिस से की है।
आज प्रेस क्लब रायपुर में पंकज विश्वकर्मा ने इन सब बातों का खुलासा इसलिए किया कि बीते कुछ दिनों से उन पर कुछ आरोप लगाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि उनके बैंक अकाउंट में महादेव सट्टा एप के पैसों का लेनदेन हुआ है, उन्होंने इन आरोपों को भी निराधार बताया साथ ही कहा कि उन पत्रकारों और मीडिया समूह पर भी वे कानूनी कार्यवाही करेंगे जिन्होंने उनका पक्ष जाने बिना इन आरोपों को खबर बनाकर प्रकाशित किया है।




