RAIPUR

रायपुर डकैती का मास्टरमाइंड BSF में सूबेदार था, अनुपम नगर में मकान नंबर डी-14 में डकैती

थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 42/25 धारा 310(2), 331(5), 123, 351(3) बी.एन.एस. 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध

AINS NEWS… BSF में सूबेदार रहे व्यक्ति रायपुर डकैती का मास्टरमाइंड निकला। जो वर्तमान में जमीन दलाली कर काम कर रहा था। खुलासे में पुलिस ने बताया कि मनोहरण वेलू ने थाना खम्हारडीह में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह अनुपम नगर में मकान नंबर डी-14 में किराये के मकान में अपनी बहन प्रेमा वेलू व रंजनी वेलू के साथ रहता है। दिनांक 11.02.2025 को दोपहर प्रार्थी अपनी दोनों बहनों के साथ घर में था। प्रार्थी घर के बैठक रूम में बैठा था उसकी बहन रंजनी बगल के कमरे में बैठी थी एवं दूसरे कमरे मे प्रेमा सोई हुई थी। उसी समय दो व्यक्ति फौजी वर्दी में प्रार्थी के घर अंदर आये जो रूमाल से मुंह को ढके थे बोले आपने कोई कम्प्लेन किया है क्या उसी का बातचीत करने आये है। बातचीत के दौरान बाहर से घर अंदर एक अन्य व्यक्ति जो डार्क नीला रंग का पैंट पहना था रूमाल से मुंह को ढका था अंदर आया उसी दौरान एक वर्दी वाला व्यक्ति एवं एक डार्क नीला रंग का पैंट पहना व्यक्ति प्रार्थी के साथ धक्का मुक्की कर उसके हाथ और पैर को पकडकर जमीन में गिरा दिया और दूसरा वर्दी पहना व्यक्ति घर अंदर से सफेद रंग का टावेल लाकर उसके पैर को बांध दिया और बिना वर्दी वाला व्यक्ति अपने साथ लाये सफेद रंग के टेप से उसके हाथ को बांध दिया और मुंह में टेप लगा दिया फिर वर्दी पहने एक व्यक्ति अपने पास रखें पिस्टल को निकाल कर आवाज करोगे तो जान से मार दूंगा बोला और एक आदमी उसके पास वहीं खडा हो गया फिर बाहर से रूमाल से मुंह बांधे एक पुरूष व पीले रंग का सलवार पहनी महिला रूमाल से मुंह ढकी थी अंदर आये और प्रेमा व रंजनी के रूम में चले गये कुछ देर बाद पांचो व्यक्ति घर से चले गये बाहर से दरवाजे की कुण्डी लगा दिये बाहर गाडी की चालू होने की आवाज सुनाई दिया जिससे प्रार्थी को उनके चले जाने का आभास होने पर वह अपने हाथ में बंधे टेप को किसी तरह निकाला फिर मुंह में लगे टेप व पैर मंे बंधे टावेल को खोला फिर बगल के रूम रंजनी के कमरे में जाकर उसके मुंह व हाथ में लगे टेप को खोला तब रंजनी बताई कि एक व्यक्ति द्वारा पिस्टल से जान से मारने की धमकी देकर मुंह व हाथ में टेप लगाकर उसके बांये भुजा में एक बार इंजेक्शन लगाया है और बेड अंदर से एक गुलाबी रंग के बैग में रखें 60 लाख रूपये एवं काले रंग के बैग में रखें 05 लाख रूपये को ले गया। बहन प्रेमा बताई कि एक व्यक्ति द्वारा मुंह दबाकर जान से मार दूंगा कहकर पिस्टल दिखाकर उसके दाहिना भुजा में दो बार इंजेक्शन लगाया एवं महिला द्वारा उसके गले में पहने सोने की चैन को छीन लिये एवं आलमारी खोलकर उसमें रखें दो नग सोने के चैन व 25000/- रूपये नगद निकाल लिये तथा उसका एवं रंजनी का कुल 03 नग मोबाईल फोन को भी लूट कर गये। चार अज्ञात नकाबपोश पुरूष एवं एक अज्ञात नकाबपोश महिला द्वारा प्रार्थी के घर अंदर प्रवेश कर प्रार्थी व उसकी दोनों बहनों को पिस्टल से जान से मारने की धमकी देकर कुल 65,25,000/- नगदी रकम, तीन नग सोने की चैन करीबन 06 तोला व तीन नग मोबाईल फोन जुमला कीमती लगभग 66,00,000/- रूपये को लूट कर ले गये। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 42/25 धारा 310(2), 331(5), 123, 351(3) बी.एन.एस. 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

अलग – अलग 10 टीमों द्वारा सी.सी.टी.व्ही. फुटेज को खंगालते हुये आरोपियों के भागने की दिशा सुनिश्चित की गई, इसी दौरान मुखबीर द्वारा पुलिस टीम को सूचना दी गई कि आरोपियों के हुलिये एवं घटना में प्रयुक्त वाहन से मिलता-जुलता वाहन को देखा गया है। सूचना की तस्दीक करने के बाद समस्त टीमों को उसी दिशा की ओर अग्रेषित किया गया जिसके बाद अमलेश्वर, मोतीपुर, पहंदा, महोदा, परसदा, पाटन, उतई, फुण्डा आदि स्थानों पर टीमों को भेजकर मुखबीर एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किये गये। सी.सी.टी.व्ही. फुटेज को देखने के दौरान यह ज्ञात हुआ कि घटना के बाद एक अल्टो कार आरोपियों द्वारा उपयोग किये गये कार का पायलेटिंग कर रही है, जिसमें संदेही महिला दिखायी दे रहीं है उसके पश्चात् उक्त वाहन का टीम के द्वारा राजनांदगांव तक पीछा करने पर उक्त वाहन के स्वामी की पहचान राहुल त्रिपाठी निवासी मनकी के रूप में किया गया जिसके बाद से ही आरोपियों के दिनचर्या एवं दोस्तों के संबंध में जानकारी एकत्र कर उन पर निगाह रखीं गयी और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशानुसार सुनियोजित योजना बनाकर एक साथ राजनांदगांव, दुर्ग, बिलासपुर, नागपुर, बलौदा बाजार एवं रायपुर में दबिश देकर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया। जिस पर उन्होंने उक्त घटना को कारित करना स्वीकार करते हुये डकैती की रकम का घटना के बाद सूनसान स्थान में आपस में बांटना बताने के साथ ही डकैती के मोबाईल फोन और घटना के समय पहने हुये कपड़ो को रास्ते में फेंकना बताया है। विवेचना के दौरान यह ज्ञात हुआ कि ए.सोम शेखर बी.एस.एफ. से सूबेदार के पद से वर्ष 2011 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लिया है तथा वर्तमान में रियल हेल्प नामक एन.जी.ओ. से जुड़ा है, साथ ही जमीन दलाली का भी कार्य करता है। इसका प्रार्थी के परिवार से घरेलू संबंध था व इसे पैसे रखें होने की जानकारी थी। जिस पर आरोपी ए.सोम शेखर द्वारा पैसे डकैती की योजना बनायी गयी तथा अपने योजना में अपने साथी देवलाल वर्मा जो बिजली मिस्त्री है एवं कमलेश वर्मा जो ड्रायवर है एवं जमीन दलाली का भी कार्य करते है, को शामिल किया। योजना के मुताबिक अपने साथी देवलाल वर्मा एवं कमलेश वर्मा को जमीन खरीददार बताकर प्रार्थी के घर को दिखाया था और उन्हें घर में रखें नगदी रकम एवं रकम रखने के स्थान की जानकारी दी थी तथा अपनी इस योजना में और व्यक्तियों की जरूरत होने कहते हुये अन्य व्यक्तियों को भी शामिल करने कहा। जिस पर देवलाल वर्मा एवं कमलेश वर्मा द्वारा अपने परिचित पुरूषोत्तम देवांगन को योजना के बारे में बताया गया और अन्य आरोपियों अजय ठाकुर, राहुल त्रिपाठी, नेहा त्रिपाठी, नागपुर महाराष्ट्र निवासी शाहिद पठान एवं पिंटू सारवान तथा बिलासपुर निवासी मनुराज मौर्य को योजना के बारे में बताकर अपने साथ शामिल किया गया। योजना के अनुसार घटना कारित के पूर्व पुरूषोत्तम देवांगन द्वारा अजय ठाकुर, राहुल त्रिपाठी एवं नेहा त्रिपाठी को प्रार्थी का मकान पहचान कराया गया उसके पश्चात घटना की तिथि तय करने के बाद बिलासपुर एवं नागपुर से आरोपियों को रायपुर बुलाकर योजना के अनुसार अगले दिन दिनांक 11.02.25 को राहुल त्रिपाठी एवं नेहा त्रिपाठी अपने अल्टो कार से झीठ आये राहुल त्रिपाठी को एवं अल्टो कार को वही पर छोड़ दिये अपने सभी मोबाईल फोन को स्वीच ऑफ करके वही रख दिये तथा बिना नंबर की रिज्ड कार में पांचो आरोपी सवार होकर रायपुर आकर उक्त डकैती की घटना को अंजाम दिये।

 

 

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