दुर्ग

कुम्हारी टोल प्लाज़ा फिलहाल बंद नहीं होगा, बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का विस्तृत जवाब दिया केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने

मंत्रालय ने एक एडवांस टेक्नोलॉजी को लागू करने का फ़ैसला किया है। इस टेक्नोलॉजी का नाम है - मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम

AINS NEWS… रायपुर और दुर्ग, छत्तीसगढ़ के दो सबसे महत्वपूर्ण शहर हैं। इन दोनों शहरों के बीच हज़ारों लोग रोज़ाना नौकरी, व्यापार और अन्य कामों के लिए सफ़र करते हैं। और इस सफ़र में एक अहम पड़ाव आता है – कुम्हारी टोल प्लाज़ा। आंकड़ों के मुताबिक़, हर दिन लगभग 50,000 से ज़्यादा गाड़ियां इस टोल प्लाज़ा से गुज़रती हैं। ज़ाहिर है, इतने बड़े ट्रैफिक वॉल्यूम की वजह से यहाँ अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों बर्बाद होता है।

इसी समस्या को लेकर लोगों की आवाज़ बनकर सामने आए रायपुर के सांसद, बृजमोहन अग्रवाल। उन्होंने पदभार संभालने के बाद से ही इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी जी को एक पत्र लिखा।

उन्होंने इस टोल प्लाज़ा को अवैध बताते हुए इसे तुरंत बंद करने की गुहार लगाई थी। उन्होंने पत्र में ज़िक्र किया कि यह टोल प्लाज़ा शहरी सीमा के काफी नज़दीक है और इससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने ये भी तर्क दिया कि इस टोल प्लाज़ा के कारण ट्रैफिक का दबाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उनकी मांग साफ़ थी – कुम्हारी टोल प्लाज़ा पर वसूली बंद की जाए।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का विस्तृत जवाब दिया है। और इस जवाब में दो बड़ी और महत्वपूर्ण बातें हैं।वो यह है कि कुम्हारी टोल प्लाज़ा फिलहाल बंद नहीं होगा। सरकार ने इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग को स्वीकार नहीं किया है। गडकरी जी ने अपने पत्र में साफ़ लिखा है कि छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईवे-53 पर बने इस टोल प्लाज़ा की स्थापना और यहाँ पर शुल्क का संग्रह, राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के अनुसार ही किया जा रहा है। यानी, सरकार की नज़र में यह पूरी तरह से वैध है।

नितिन गडकरी ने अपने पत्र में एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट का ज़िक्र किया है। यह प्रोजेक्ट है – 92 किलोमीटर लंबा दुर्ग-रायपुर-आरंग बाईपास। ये बाईपास इस पूरे इलाके की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। जो ट्रैफिक अभी शहर के बीच से होकर गुज़रता है, वो इस बाईपास के बनने के बाद शहर के बाहर से ही निकल जाएगा। इससे शहरों के अंदर का ट्रैफिक दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और यात्रा का समय भी बचेगा।

गडकरी ने बताया है कि इस बाईपास का निर्माण कार्य अभी चल रहा है और इसके जून 2026 तक पूरा होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जैसे ही यह बाईपास चालू हो जाएगा, उसके बाद कुम्हारी टोल प्लाज़ा को बंद करने के अनुरोध पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

गडकरी ने इसका भी समाधान बताया है। उन्होंने माना है कि ट्रैफिक का दबाव है, और इसीलिए मंत्रालय ने एक एडवांस टेक्नोलॉजी को लागू करने का फ़ैसला किया है। इस टेक्नोलॉजी का नाम है – मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम।

मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में कोई बैरियर नहीं होगा। आप हाईवे की स्पीड से ही टोल प्लाज़ा से गुज़र जाएंगे और ऊपर लगे कैमरे और सेंसर आपके FASTag को ऑटोमैटिकली स्कैन करके टोल काट लेंगे। इससे गाड़ियां बिना रुके, बिना धीमे हुए निकल जाएंगी और जाम की समस्या लगभग ख़त्म हो जाएगी। यह सिस्टम सिंगापुर और कई यूरोपीय देशों में बेहद सफल है और अब इसे कुम्हारी में भी लागू किया जा रहा है, ताकि जून 2026 तक लोगों को जाम से राहत मिल सके।

 

 

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