छत्तीसगढ़

फर्जी मुठभेड़ की जांच करते कांग्रेस की जांच समिति पहुंची नेलाझार

आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं

AINS NEWS जगदलपुर…  छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के कोहकामेटा पंचायत के नेलाझार में हुए कथित पुलिस – नक्सली मुठभेड़ की जांच के लिए कांग्रेस की 7 सदस्यीय टीम मंगलवार को नेलाझार पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. लगभग 2 घंटे तक निरीक्षण करने के बाद कांग्रेस की जांच समिति ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताया और पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।

दरअसल कोंडागांव जिले के कोहकामेटा नेलाझार में बीते 14 अगस्त की रात को एक आदिवासी युवक अभय नेताम को पुलिस के जवानों ने गोली मारी थी. घटना को पुलिस ने नक्सली मुठभेड़ करार दिया, लेकिन कांग्रेस ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताया. प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया. समिति का संयोजक पूर्व मंत्री मोहन मरकाम को बनाया गया।

इस टीम में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक संतराम नेताम, पीसीसी महामंत्री रवि घोष, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मतलाम और कोंडागांव जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम शामिल रहे।

मोहन मरकाम ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद मंगलवार को जांच समिति नेलाझार गांव पहुंची. यहां समिति ने अभय नेताम के परिवार वालों और अभय के साथियों से मुलाकात की. घायल युवक अभय के साथी जगन ध्रुव, अमन नेताम और अजय नेताम ने बताया कि वे सभी चिड़िया मारने जंगल गए थे, तभी पुलिस ने उन्हें नक्सली कहकर रोक लिया. अभय नेताम ने पुलिस से कहा कि वह नक्सली नहीं है, बावजूद इसके पुलिस के जवानों ने गोली चला दी. पीड़ित युवकों ने मोहन मरकाम को बताया कि पुलिस ने उनसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए हैं. अभय नेताम के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार दबाव बना रही है और बयान बदलने के लिए मजबूर कर रही है. मोहन मरकाम ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि कोण्डागांव नक्सलमुक्त है, वहीं पुलिस मुठभेड़ की कहानी गढ़ रही है. केंद्र और राज्य सरकार बताएं कि सही कौन है?

आदिवासियों को खत्म करने की है साजिश

बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी साजिश है, ताकि आदिवासियों को खत्म किया जा सके. कोंडागांव समेत बस्तर के अलग-अलग जिलो में हुए फर्जी मुठभेड़ों की आवाज विधानसभा में गूंजेगी. उन्होंने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं. यह शर्मनाक है. केशकाल के पूर्व विधायक संतराम ने कहा कि 15 साल से इस इलाके में मेरे द्वारा लगातार दौरा किया गया, यहां कभी नक्सल घटना नहीं हुई. यह मुठभेड़ पूरी तरह से फर्जी है.

कांग्रेस जांच टीम की मांगें

कांग्रेस की जांच समिति ने नेलाझार का दौरा कर सरकार के सामने प्रमुख मांग रखी है कि घायल युवक अभय नेताम को बेहतर से बेहतर इलाज मिले. साथ ही उनके परिजन को 1 करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. मामले की न्यायिक जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल अभय नेताम का नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर के आदिवासियों के अधिकार और न्याय की लड़ाई है. समिति ने अपनी रिपोर्ट PCC को सौंपने और सड़कों से लेकर विधानसभा तक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है. हालांकि कांग्रेस की जांच समिति के निरीक्षण और आरोप को लेकर अब तक सत्ता पक्ष और कोंडागांव पुलिस के अधिकारियों की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है।

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