RAIPUR

जयस्तंभ चौक पर श्रद्धांजलि और विरोध प्रदर्शन, RSS–भाजपा पर बरसे शंकर मेनन

विदेश में रहने वाले हर भारतीय की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग

AINS NEWS… शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे एवं पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद रायपुर लोकसभा विकास उपाध्याय ने बताया कि केरल और बांग्लादेश में हिंदू नागरिकों की निर्मम हत्याओं के विरोध में आज रायपुर नगर के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक पर कांग्रेस पार्टी द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं विरोध प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष श्री कुमार शंकर मेनन , ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे एवं पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद रायपुर लोकसभा विकास उपाध्याय ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत केरल में पहचान के नाम पर भीड़ हिंसा का शिकार हुए छत्तीसगढ़ के दलित प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल तथा बांग्लादेश में जिंदा जलाकर मारे गए हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को नमन किया। इसके पश्चात विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसमें केंद्र सरकार, भाजपा और RSS के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। केरल और बांग्लादेश की घटनाएं कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि RSS और भाजपा द्वारा वर्षों से फैलाए जा रहे नफरत, उन्माद और पहचान आधारित राजनीति का सीधा परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि केरल में एक गरीब दलित मजदूर को बांग्लादेशी होने के झूठे शक में पीट-पीटकर मार दिया गया और बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को जिंदा जला दिया गया, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखती ।जो सरकार खुद को विश्वगुरु बताती है, वह न देश के भीतर अपने नागरिकों की रक्षा कर पा रही है और न ही विदेशों में रहने वाले भारतीयों की। यह तथाकथित मजबूत विदेश नीति की पोल खोलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और RSS देश के भीतर सांप्रदायिक जहर फैलाकर समाज को बांटते हैं और उसी नफरत की आग की लपटें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगी हैं।

उन्होंने कहा कि भीड़ को कानून से ऊपर खड़ा करना, पहचान पूछकर हत्या को मौन समर्थन देना और पीड़ितों पर चुप्पी साध लेना भाजपा की असली पहचान बन चुकी है। सरकार की यह चुप्पी उसकी सहमति को दर्शाती है। अगर समय रहते नफरत की राजनीति पर रोक नहीं लगी, तो लोकतंत्र, संविधान और इंसानियत तीनों खतरे में पड़ जाएंगे। आरएसएस और बीजेपी को विभाजनकारी राजनीति को बंद करना होगा अन्यथा आने वाले समय में या विकराल रूप लेने वाला है। देखने को मिल रहा है कि लगातार राजनीति के लिए हिंदू मुस्लिम सिख इसाई को आपस में बांटने की साजिश देश में चल रही है विदेश में रहने वाले हर भारतीय की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार से मांग की कि केरल और बांग्लादेश दोनों मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, बांग्लादेश सरकार पर प्रभावी कूटनीतिक दबाव बनाया जाए और विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति घोषित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और नफरत नहीं, बल्कि इंसाफ और संविधान की राजनीति के लिए संघर्ष करती रहेगी।
श्री कुमार शंकर मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे एवं विकास उपाध्याय ने पीड़ित परिवार को एक करोड रुपए मुआवजा देने की बात भी सरकार से कही है।

 

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