‘क्राप आइकॉन अवार्ड -2026’ की राष्ट्रीय चयन समिति में डॉ राजाराम त्रिपाठी जज नियुक्त
नए साल की बड़ी कृषि खबर

*देश के किसानों के सबसे बड़े सम्मान की जिम्मेदारी अब बस्तर के सपूत के हाथों में : डॉ राजाराम त्रिपाठी ‘क्राप आइकॉन अवार्ड -2026’ के जज नियुक्त,*

AINS NEWS… नववर्ष 2026 की शुरुआत देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और उत्साहवर्धक समाचार लेकर आई है। देश के किसानों के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान “क्राप आइकॉन अवार्ड -2026” (CropIcon Award 2026) की राष्ट्रीय चयन समिति (National Advisory Council) में प्रख्यात कृषि विशेषज्ञ, सामाजिक चिंतक और जैविक खेती के अग्रदूत डॉ राजाराम त्रिपाठी को जूरी सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
‘ क्रॉप आइकॉन अवार्ड ‘ देश का ऐसा प्रतिष्ठित मंच है, जहां कृषि जागरण समूह की अग्रणी भूमिका में, भारत सरकार, कृषि मंत्रालय, नाबार्ड, महिंद्रा ट्रैक्टर्स और कृषि क्षेत्र की अन्य प्रमुख संस्थाओं के सहयोग से देश के सर्वश्रेष्ठ किसानों का चयन किया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत गेहूं, धान, दलहन, तिलहन, मसाले, फल, सब्जी, बागवानी और हॉर्टिकल्चर जैसी प्रमुख फसलों में उत्पादन, गुणवत्ता और नवाचार के राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
आगामी महीनों में देशभर के किसान क्राप आइकॉन अवार्ड के लिए पंजीयन करेंगे। इसके बाद कई चरणों में वैज्ञानिक, तकनीकी और क्षेत्रीय स्तर पर गहन मूल्यांकन किया जाएगा। अंतिम रूप से चयनित किसानों के नाम की घोषणा के पश्चात दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां केंद्रीय कृषि मंत्री, आईसीएआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक, तथा कृषि जगत के शीर्ष विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
डॉ राजाराम त्रिपाठी को देश के सबसे अधिक उच्च शिक्षित किसानों में गिना जाता है। उन्होंने बीएससी (गणित), विधि स्नातक, छह विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा, तथा अनेक विषयों में डॉक्टरेट डिग्रियां प्राप्त की हैं। उन्होंने अब तक 40 से अधिक देशों की यात्रा कर वहां की खेती, कृषि विपणन और किसान-आधारित आर्थिक मॉडल का गहन अध्ययन किया है।
डॉ त्रिपाठी को पांच से अधिक बार ‘देश के सर्वश्रेष्ठ किसान’ जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। जैविक खेती, आदिवासी कृषि मॉडल और सतत कृषि प्रणालियों पर उनका कार्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है।
जूरी सदस्य के रूप में नियुक्ति पर डॉ त्रिपाठी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल किसान हित, पारदर्शिता और पूर्ण निष्पक्षता रहेगी और उनके रहते पुरस्कार चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात या भेदभाव को स्थान नहीं दिया जाएगा। डॉक्टर त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ के पुलिस के किसानों का ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस अवार्ड की प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आवाहन करते हुए कहा उन्हें आशा है कि छत्तीसगढ़ के नवाचारी कर्मठ किसान निश्चित रूप से ज्यादा से ज्यादा श्रेणियों में सर्वोच्च अवार्ड हासिल करके देश में छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
यह नियुक्ति मां दंतेश्वरी हर्बल समूह, बस्तर अंचल और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और विश्वास की मुहर मानी जा रही है।



