चूल्हे के जुगाड़ में जुटी जनता, 25 दिनों बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
महिला आरक्षण बिल और पांच राज्यों के चुनाव में उलझा रखी है सरकार

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की किल्लत किसी से छुपी नहीं है, लोगों को वाकई में सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है, 25 दिनों का वादा करने वाली एजेंसियां 35 दिनों तक डिलीवरी नहीं कर पा रही है। लिहाजा लोगों को चूल्हे और इंडक्शन का सहारा लेना पड़ रहा है, इस बात फायदा कुछ व्यापारी उठाने से नहीं चूक रहे हैं जो इंडक्शन 1500 रुपए में कोई नहीं लेता था आज वह ₹4000 में बिक रहा है।

मरता क्या ना करता वाली स्थिति है, परिवार को खाना तो खिलाना है, अब चाहे वह खाना गैस में पके या चूल्हे में या फिर इंडक्शन में इससे सरकार को क्या लेना। सरकार तो महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने में लगी है, भले सिलेंडर ना मिले, लेकिन महिलाएं चुनाव लड़े।
राशन कार्ड लेकर दिन भर तपती धूप में जबरदस्ती 3 महीनों का चांवल दिया जा रहा है, नहीं लोगे तो जाते रहोगे, सरकार ने कहा है तो लेना पड़ेगा, लेकिन जो तुम्हें चाहिए वह नहीं मिलेगा। सरकार चाहेगी तो 20 अप्रैल से बच्चों को छुट्टी मिलेगी, लेकिन घर में खाना कैसे बनेगा इससे किसी को कोई मतलब नहीं।
सरकार मॉनिटरिंग कर रही है, एलपीजी की उपलब्धता पर समीक्षा भी हो रही है लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है। खाद्य विभाग, कैबिनेट, पक्ष, विपक्ष सभी सिर्फ हल्ला करने में मस्त हैं और जनता ही त्रस्त है, पता नहीं क्यों?
कोई भी हेल्प लाइन नंबर आस्तित्व में नहीं है, एजेंसी का नंबर तो कभी उठता ही नहीं है.




