डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन का 172वां दिन, प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार, किया नियुक्ति का निवेदन
न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी प्रशासन का रवैया उदासीन

AINS NEWS… 2300 सहायक शिक्षक पदों पर बहाली की मांग को लेकर डीएड (D.Ed.) अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन आज 172वें दिन भी जारी रहा। कड़कड़ाती धूप और बारिश की परवाह किए बिना अपनी मांगों को लेकर डटे अभ्यर्थियों ने आज एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

**हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग**
डीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय (High Court) और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के स्पष्ट आदेशों के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। न्यायालय का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी प्रशासन का रवैया उदासीन बना हुआ है।
अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री जी को भेजे अपने पत्र में निवेदन किया है कि वे इस संवेदनशील मामले में स्वयं संज्ञान लें और राज्य सरकार को निर्देशित करें कि वह अदालती आदेशों का सम्मान करते हुए 2300 सहायक शिक्षक पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की त्वरित नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे।

**” *172 दिनों से भटक रहे हैं योग्य युवा* “**
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
> “हम पिछले 172 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी हमें सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अब हमारी अंतिम उम्मीद माननीय प्रधानमंत्री जी से है। हमें पूरा विश्वास है कि वे देश के युवाओं और न्याय व्यवस्था के सम्मान में हमारी पुकार जरूर सुनेंगे।”
>डीएड अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक राज्य सरकार उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर देती, उनका यह न्यायसंगत आंदोलन और तेज गति से जारी रहेगा।




