आजादी के दिन भी जारी रहा रुवाड़ में धरना, स्कूल भवन की मांग को लेकर पांचवें दिन डटे ग्रामीण और बच्चे
आजादी के दिन भी धरना जारी, बजट में करोड़ों, फिर भी स्कूल भवन के लिए संघर्ष

AINS NEWS गरियाबंद…. देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का उत्साह देखने को मिला, लेकिन गरियाबंद जिले के ग्राम रुवाड़ में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं विद्यालय भवन की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। स्कूल भवन की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। इसी दौरान बच्चों ने धरना स्थल पर ही तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की मांग को लेकर पूर्व में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पांच दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद ठोस पहल नहीं होने पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
करोड़ों के शिक्षा बजट के बीच भवन के लिए संघर्ष
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22,466 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शिक्षा और स्कूल अधोसंरचना के लिए बड़े बजट के बावजूद रुवाड़ के बच्चों को अपने विद्यालय भवन की मांग को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि की राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। विद्यालय भवन का अभाव लंबे समय तक बना रहा तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ सकता है।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
धरने पर बैठे ग्रामीणों और पालकों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल पहल कर विद्यालय भवन की समस्या का नियमानुसार स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को बच्चों की मूलभूत शैक्षणिक सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
अब सवाल यह है कि 15 अगस्त के दिन धरना स्थल पर तिरंगा फहराने वाले रुवाड़ के इन बच्चों की आवाज प्रशासन कब सुनेगा? करोड़ों रुपये के शिक्षा बजट के बीच इन बच्चों को विद्यालय भवन कब मिलेगा? यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।




