विवाह बना चर्चा का विषय, सात समंदर पार से आया प्रेमी
जिला विवाह अधिकारी के समक्ष दोनों ने एक-दूसरे को पुष्पहार पहनाया

AINS NEWS… पामगढ़ विकासखंड के भुईगांव की बेटी क्रिस्टीना नथेनियल पढ़ाई करने नीदलैंड गई थी। वहीं उसकी मुलाकात क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश से हुई। दोनो के बीच प्यार परवान चढ़ा और विवाह करने सात समंदर पार नीदरलैंड से क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश जांजगीर जिला पहुंचा। क्रिस्टीना और क्रिस्टीयान ने अपने जीवन के सबसे खास दिन को इन तमाम तामझाम से दूर, बेहद सादगीपूर्ण अंदाज में यादगार बना दिया। न बैंड-बाजा और न ही बारातियों की भीड़।

एक-दूसरे को अपना जीवन साथी स्वीकार किया
जिला विवाह अधिकारी के समक्ष दोनों ने एक-दूसरे को पुष्पहार पहनाया और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लेकर एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी स्वीकार कर लिया। सात समंदर पार शुरू हुई जान-पहचान, दोस्ती और फिर प्यार की यह कहानी अब विवाह के मुकाम तक पहुंच गई है।
नीदरलैंड में पढ़ाई के दौरान प्यार चढ़ा परवान
भुईगांव-पामगढ़ की रहने वाली क्रिस्टीना नथेनियल कुछ वर्ष पहले तकनीकी शिक्षा हासिल करने के लिए नीदरलैंड पहुंची थीं। अपने गांव और देश से दूर एक नए वातावरण में शिक्षा हासिल करने के दौरान उनकी मुलाकात नीदरलैंड के क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम से हुई। शुरुआती जान-पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर दोनों के बीच ऐसा रिश्ता बना कि दोनों ने जीवनभर साथ रहने का फैसला कर लिया।
परिजनों ने इसे सहमति दी और इसके बाद दोनों ने कलेक्टरेट पहुंच कर कोर्ट मैरिज कर ली। अपर कलेक्टर एवं जिला विवाह अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के समक्ष दोनों ने विवाह की प्रक्रिया पूरी की। तीन गवाहों की मौजूदगी में निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
सादगीपूर्ण विवाह का अनूठा उदाहरण
क्रिस्टीना और क्रिस्टीयान की यह कहानी बताती है कि, प्यार का सफर चाहे हजारों किलोमीटर लंबा हो, विवाह को यादगार बनाने के लिए जरूरी नहीं कि आयोजन भी उतना ही भव्य हो। कभी-कभी एक-दूसरे को पहनाया गया पुष्पहार, परिवार की सहमति और साथ जीवन बिताने का फैसला ही नई जिंदगी की सबसे खूबसूरत शुरुआत बन जाता है। सौजन्य – हरिभूमि




