बिलासपुर

आधी रात बवाल! शोर बंद कराने पहुंचे न्यायाधीश और परिवार से मारपीट का आरोप

सवाल यह है कि देर रात जश्न के नाम पर नियमों की अनदेखी और विरोध करने पर मारपीट की नौबत आखिर क्यों आई?

AINS NEWS… न्यायधानी बिलासपुर में जन्मदिन का जश्न उस वक्त विवाद में बदल गया, जब आधी रात तेज आवाज में नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने का विरोध करना एक न्यायाधीश और उनके परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि शोर-शराबा बंद कराने पहुंचे न्यायाधीश के साथ जन्मदिन मना रहे लोगों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों को भी नहीं बख्शा गया। घटना में न्यायाधीश की पत्नी और साले को चोटें आई हैं। मामले में पुलिस ने अभय बरूआ समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

घटना सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर की है। जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर की रात महासमुंद के कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी अपने परिवार के साथ ससुराल पहुंचे थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे घर के बाहर तेज आवाज में नगाड़े बजने और पटाखे फूटने लगे। करीब 45 मिनट तक चले इस शोर से घर में मौजूद बच्चे और बुजुर्ग परेशान हो गए।

आखिरकार शोर की वजह जानने न्यायाधीश घर से बाहर निकले। गली में बड़ी संख्या में लोग जन्मदिन का जश्न मनाते नजर आए। आरोप है कि जब न्यायाधीश ने देर रात तेज आवाज में नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई, तो जश्न मना रहे लोग उनसे उलझ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई।

शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ता देख परिवार के दूसरे सदस्य बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान न्यायाधीश की पत्नी आकांक्षा प्रफुल्ल के हाथ में चोट आई, जबकि साले अभिषेक भारद्वाज ने सिर, सीने और गले में चोट लगने की शिकायत की है। आरोप है कि मारपीट के दौरान कपड़ों के बटन और चश्मे तक टूट गए।

घटना के बाद न्यायाधीश ने सरकंडा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अभय बरूआ और उसके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि देर रात जश्न के नाम पर नियमों की अनदेखी और विरोध करने पर मारपीट की नौबत आखिर क्यों आई? अब पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

 

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