छत्तीसगढ़

खूंखार भालू ने ग्रामीण पर किया अटैक, खूनी संघर्ष कर बचाई अपनी जान

भालू के हमले से शख्स बुरी तरह से जख्मी हो गया है.

कोरबा। वन परिक्षेत्र इलाकों में वन्य प्राणियों के हमले की घटाएं बढ़ती जा रही है. जंगली जानवर ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं. जिससे लोगों में भय का माहौल है. वहीं कोरबा जिले में खूंखार भालू ने एक ग्रामीण पर जानलेवा हमला (Bear Attack) कर दिया. भालू के शिकार बनने से बचने के लिए ग्रामीण मने अपनी जान की बाजी लगाकर भालू से डट कर मुकाबला किया और जैसे-तैसे उसकी जान बचाई. लेकिन भालू के हमले से शख्स बुरी तरह से जख्मी हो गया है.

जिसे इलाज के लिए कोरबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया वहां से घायल को बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया गया है. यह पूरी घटना कोरबा वनमंडल के पसरखेत परिक्षेत्र में आने वाले पतरापाली गांव के आश्रित ग्राम बोइरझूमर टिकरा की घटना है. जानकारी के अनुसार, बोइरझूमर टिकरा निवासी जोतराम राठिया पिता साधराम राठिया उम्र लगभग 64 वर्ष 14 सितंबर की देर शाम तक मवेशी घर नहीं आने पर मवेशियों को ढूंढने के लिए जंगल की ओर गया हुआ था.

इसी बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने जोतराम राठिया घर लौट रहा था. इसी दौरान यहां मौजूद भालू ने जोतराम पर हमला बोल दिया. अपनी जान बचाने के लिए जोतराम भालू से ही भिड़ गया. जंगली भालू और जोतराम के बीच यह संघर्ष करीब 15 मिनट तक चलता रहा. जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया. इस घटना में जोतराम राठिया गंभीर रूप से घायल हो गया है. भालू ने उसके हाथ पैर और सर, चेहरा, आंख पर नाखून से नोंच लिया है.

वह खून से लथपथ होकर किसी तरह घर पहुंचा. जिसके बाद इस घटना की जानकारी सरपंच ने कोरबा वन विभाग तक पहुंचाई मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल सहायता राशि 2000 देते हुए. घायल वृद्ध व्यक्ति जोतराम राठिया को एंबुलेंस के जरिए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है. जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया गया. जहां पर उसका उपचार जारी है.

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