धमतरी

धार्मिक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया बालोद में, श्रोता मंत्र मुग्ध नजर आए

राज्योत्सव कार्यक्रम में 3 नवंबर को धार्मिक भजनों की प्रस्तुति दी गई

AINS NEWS… बालोद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित रजत जयंती राज्योत्सव कार्यक्रम में धार्मिक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया, जिसे सुनने दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोता मंत्र मुग्ध नजर आए। कार्यक्रम के दौरान धमतरी के भजन गायक लुकेश ठाकुर ने भी अपनी प्रस्तुति दी जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
राज्योत्सव कार्यक्रम में 3 नवंबर को धार्मिक भजनों की प्रस्तुति दी गई।

कौन है लुकेश ठाकुर…
लोकेश ठाकुर को संगीत के प्रति लगाव विरासत के रूप में मिला है, उनके पिता स्वर्गीय करण सिंह ठाकुर एक जाने माने शास्त्रीय संगीतज्ञ थे, उनकी प्रेरणा से 10 वर्ष की उम्र में ही लुकेश ठाकुर ने तबला वादन में रूचि दिखाई और खैरागढ़ विश्वविद्यालय से तबला वादन में डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा वे गीतों का लेखन भी करते हैं जिसमें अयोध्या धाम से प्रेरित और स्वयं के द्वारा लिखित मनमोहक भजनों का उन्होंने मंच पर गायन प्रस्तुत किया, जिनमें मीरा का भजन, चलो अयोध्या धाम, राम आ गए हैं त्रेता युग आ गया है, राम का दीवाना तू भी है मैं भी हूं आदि प्रसिद्ध भजनो को सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध नजर आए। विगत वर्ष 2024 में धमतरी जिले के बेस्ट कलाकार के रूप में उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।

लुकेश ठाकुर पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ी एल्बम और फिल्मों में संगीत दे रहे हैं। वह बॉलीवुड सिंगर साधना सरगम, उदित नारायण, सुरेश वाडेकर व भजन सम्राट अनूप जलोटा जी को भी महत्वपूर्ण भजनों में संगीत निर्देशक दे चुके हैं । वे वर्तमान में प्रतिज्ञा विकास संस्थान बाल गृह बालक धमतरी में संगीत शिक्षक के रूप में बच्चों को संगीत की शिक्षा दे रहें हैं। इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर धमतरी राजकुमार कृपाल व बालोद की डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर के द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र मोमेंटो और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

 

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