सेंदुरस गांव में हुए डबल हत्याकांड के आरोपियों तक पुलिस के लंबे हाथ पहुंच ही गए
2 और 3 जून की दरम्यानी रात सेंदुरस गांव में पुरूषोत्तम खुंटे और पत्नी गुहरिन बाई की घर में सोते समय जघन्य हत्या कर दी गई थी

AINS NEWS… सक्ती जिले के सेंदुरस गांव में हुए डबल हत्याकांड की चर्चा जोरों पर थी. 2 और 3 जून की दरम्यानी रात सेंदुरस गांव में पुरूषोत्तम खुंटे और पत्नी गुहरिन बाई की घर में सोते समय जघन्य हत्या कर दी गई थी और सोने के आभूषण भी लूट लिए थे. आरोपी आरी ब्लेड से दरवाजा खोल कर घर में घुसे और राड से ताबड़तोड़ वार किया, लूट के सोना और चांदी को जैजैपुर के सराफा व्यापारी बाबूलाल साहू को 84 हजार में बेच दिया था. पुलिस ने 9 ग्राम सोना, 5 ग्राम गला सोना, 77 हजार नकद, घटना में प्रयुक्त राड और बाइक बरामद किया है. बाबूलाल साहू को भी लूट का माल खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर FSL और डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंची थी और सैम्पल लिया गया था. “चौकाने वाला बात यह भी है कि जून 2024 में मुक्ता गांव में मगनलाल और बुधवारा बाई गबेल की हत्या भी इन्हीं दोनों ने लकड़ी से वार कर की थी. इस तरह सक्ती पुलिस ने 2 बार डबल ब्लाइंड मर्डर सॉल्व किए है.

आरोपी रूपचरण यादव और सहयोगी देवकुमार यादव लूट के नियत से बुजुर्ग व्यक्तियों और अकेले व्यक्तियों पर निशाना साधते थे. जिसके बाद प्लानिंग के तहत रात में आरी ब्लेड से दरवाजा खोलते थे और लूट के साथ-साथ हत्या को अंजाम देते थे. 2024 में भी मुक्ता गांव में सेम पैटर्न से पति मगनलाल गबेल और बुधवारा बाई गबेल की हत्या और लूट को अंजाम दिया गया था. इसमें यह भी बात सामने आई कि आरोपी रूपचरण यादव का ससुराल मृतिका बुधवारा बाई गबेल के घर के पास है. ऐसे में दोनों के बीच विवाद होता था और रंजिश के चलते 2024 में बुधवारा बाई, उसके पति मगनलाल की हत्या कर सोने, चांदी के आभूषण को लूट कर फरार हो गए थे. इस तहत मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश करती रही. लेकिन आरोपियों ने सेंदुरस गांव में फिर जघन्य और दोहरे हत्या को अंजाम दे दिया. हालांकि पुलिस के लंबे हाथ आरोपियों तक पहुंच ही गए.
वारदात के बाद मृतक पुरषोत्तम खूंटे का मोबाइल गायब था, जिसे सायबर सर्वीलेश में रखा गया था. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और CEIR पोर्टल की मदद से आरोपियों तक पहुंच जिसके बाद मोबाइल टावर डंप व मोबाइल के नई सिम ने आरोपी तक पहुंचा दिया. लोकेशन में पालगड़ा पहाड़ के पास एक ढाबे में आरोपी देवकुमार यादव के पास मोबाइल मिला, जिसने वारदात से पर्दा उठा दिया. देवकुमार यादव को पकड़ने के बाद पुलिस आरोपी मास्टरमाइंड रूपचरण यादव तक पहुंची और सब साफ हो गया.
आरोपी लूट और चोरी के नियत से दोनों वारदातों को अंजाम दिए थे. क्यों कि वारदात का मास्टमाइंड बेरोजगार है और वह कुछ नहीं करता था. साथ ही, नशे करने का आदि था, जिसके चलते हत्या जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम देते थे. इस तरह 2 सालों में आरोपियों ने 4 लोगों को खौफनाक मौत दी है.
आरोपी कितने भी शातिर क्यों न कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते. हालांकि यह वारदात नहीं होता जब आरोपी 2 साल पहले ही पकड़े जाते. अब बेगुनाह दंपत्ति ने अपनी जान गंवा दी है. हालांकि आरोपियों को किये की सजा मिल गई है और दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.




